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Ladli Behna Yojana: क्या 'लाड़ली बहना योजना' को बंद करने की है तैयारी? CM मोहन यादव के बयान से मची हलचल, देखें- वीडियो

Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य सरकार की प्रमुख 'लाड़ली बहना योजना' को बहुत खर्चीला स्कीम बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि इससे राज्य के सरकारी खजाने पर इतना भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। सीएम मोहन यादव के इतना कहते ही पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। इसके बाद इस स्कीम के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 06, 2026 पर 11:54 AM
Ladli Behna Yojana: क्या 'लाड़ली बहना योजना' को बंद करने की है तैयारी? CM मोहन यादव के बयान से मची हलचल, देखें- वीडियो
Ladli Behna Yojana: 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर सीएम मोहन यादव का एक बयान चर्चा में है

Ladli Behna Yojana: क्या मध्य प्रदेश की सरकार अब 'लाड़ली बहना योजना' को बंद करने की तैयारी कर रही है? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य सरकार की प्रमुख 'लाड़ली बहना योजना' को 'बहुत खर्चीला' करार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि इससे राज्य के खजाने पर इतना भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, CM मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'बुंदेली समागम' के दौरान बुंदेली इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी के एक सवाल के जवाब में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के साथ इस योजना से जो वित्तीय जिम्मेदारी आएगी, उसका उन्होंने थोड़ा सा भी अंदाजा नहीं लगाया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान छतरपुर की रहने वाली बच्ची ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा कि उन्होंने एमपी की 'जिज्जियों' यानी बहनों के लिए तो काफी कुछ किया है। लेकिन अब 'बिन्नुओं' यानी बेटियों के लिए उनका क्या करने वाले हैं, जरा वही बताइए, सब सुनने बैठे हैं? इस सवाल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मजाकिया लहजे में जवाब देते हुए कहा, "तुमको मालूम नहीं है कि लाड़ली बहना भी बहुत महंगी पड़ रही है। बिन्नू ये बड़ी ही अंदर की बात है। मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री बनने पर इतना भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।"

सीएम मोहन यादव के इतना कहते ही पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। उन्होंने बताया कि यह योजना ₹1,000 की मासिक सहायता से शुरू हुई थी। फिर बाद में इसे बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया गया। रानी के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह अभी इस योजना के लिए बहुत छोटी हैं। उन्हें पात्र होने तक इंतजार करना होगा।

सरकार के खजाने पर अभी कितना बोझ पड़ता है?

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