Landslide in Vaishno Dev Route: जम्मू के कटरा में वैष्णो देवी धाम पर मंगलवार को हुई लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। रियासी के एसएसपी परमवीर सिंह ने बुधवार सुबह इस बात की पुष्टि की। भारी बारिश के कारण हुए इस लैंडस्लाइड में अब भी बचाव कार्य जारी है, और आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। खराब मौसम के चलते वैष्णो देवी की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जम्मू शहर में 24 घंटे से भी कम समय में 250mm से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरे जम्मू-कश्मीर में कहर बरपाया हुआ है, जिससे अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई है। लैंडस्लाइड के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए है, जबकि 3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव कार्य में जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF और भारतीय सेना की टीमें जुटी हुई हैं। इस आपदा के कारण नॉर्दर्न रेलवे ने 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 27 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है।
नेशनल हाईवे बंद, इंटरनेट से कटे लाखों लोग
लैंडस्लाइड और बाढ़ के कारण जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा नेशनल हाईवे पर आवाजाही को रोक दिया गया है। दर्जनों पहाड़ी सड़कें अवरुद्ध या क्षतिग्रस्त हो गई है। जम्मू से आने-जाने वाली कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश के एक बड़े हिस्से में दूरसंचार सेवाएं भी ठप हो गई हैं, जिससे लाखों लोग इंटरनेट से कट गए हैं। हालिया दिनों में जम्मू-कश्मीर में यह दूसरी बड़ी आपदा है। इससे पहले किश्तवाड़ जिले के चिचोटी में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में 65 लोगों की जान चली गई थी।
लगातार बारिश के कारण इलाके में लगभग सभी जल निकायों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे निचले इलाकों में और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है। कठुआ जिले में रावी नदी पर बहने वाले माधोपुर बैराज में एक लाख क्यूसेक का आंकड़ा पार हो गया, जिसके परिणामस्वरूप कठुआ जिले में भारी बाढ़ आ गई।तारानाह, उझ, तवी और चिनाब जैसी प्रमुख नदियां भी अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे अधिकारियों को लोगों से सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की अपील करनी पड़ी है। मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक मध्यम से भारी बारिश, बादल फटने और लैंडस्लाइड की संभावना जताई है।
मुख्यमंत्री ने स्थिति को 'गंभीर' बताया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति को 'गंभीर' बताते हुए एक आपात बैठक की अध्यक्षता की और जिला प्रशासकों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। उन्होंने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा, 'आपातकालीन बहाली के काम और अन्य आकस्मिकताओं को पूरा करने के लिए डिप्टी कमिश्नरों के निपटान में एक्सट्रा धनराशि रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।' CM अब्दुल्ला ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी और दवा जैसी आवश्यक वस्तुएं समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जम्मू में स्कूल बंद, परीक्षाएं भी हुई स्थगित
जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 27 अगस्त तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भी कक्षा 10 और 11 की उन सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है जो बुधवार को होने वाली थीं। इसके अलावा बीएसएफ सहित विभिन्न सुरक्षा संगठनों में कांस्टेबलों के लिए भर्ती अभियान भी एक दिन के लिए रोक दिया गया है।