J&K Weather: जम्मू-कश्मीर में बारिश-बाढ़ और भूस्खलन से तबाही! मोबाइल-इंटरनेट सेवाएं ठप, 8 की मौत, 18 ट्रेनें रद्द, 27 अगस्त तक स्कूल बंद
J&K Weather Update: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार (26 अगस्त) को कहा कि भारी बारिश के बाद विभिन्न हिस्सों में स्थिति काफी गंभीर है। उन्होंने प्रशासन को हाई अलर्ट बनाए रखने का निर्देश दिया। जम्मू संभाग में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश हुई। मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो चुकी है
J&K Weather Update: जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट और फोन कॉलिंग सेवाएं ठप हो गई हैं। भारी बारिश और बादल फटने के कारण ऐसा हुआ है
J&K Weather Update: जम्मू-कश्मीर में मंगलवार (26 अगस्त) को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश हुई। जम्मू संभाग में लगभग सभी नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं। इससे कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। भारी बारिश के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग मोबाइल कॉल नहीं लगने की शिकायत कर रहे हैं।
अब तक 8 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश की वजह से रियासी जिले के त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर मंगलवार दोपहर भूस्खलन हुआ। इसकी चपेट में आने से कम से पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि 14 अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा जम्मू संभाग में भारी बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और 24 से अधिक घर एवं पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
दो जगह बादल फटने की भी खबर है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने और सतर्क रहने को कहा है। उत्तर रेलवे ने मंगलवार को कटरा, उधमपुर और जम्मू रेलवे स्टेशनों से आने-जाने वाली 18 ट्रेनें रद्द कर दीं। इनमें कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत भी शामिल है।
सड़कों पर जलभराव
जम्मू में बारिश के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ट्रैफिक बाधित हुआ है और निचले इलाकों में पानी भर गया है। 24 से अधिक घर एवं पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जम्मू में लगभग सभी जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। इससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाकों एवं सड़कों पर जलभराव हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू संभाग के कई हिस्सों में स्थिति काफी गंभीर है। वह खुद स्थिति पर नजर रखने के लिए श्रीनगर से अगली उपलब्ध उड़ान से जम्मू आएंगे।
नेशनल हाईवे बंद, वैष्णो देवी यात्रा पर रोक
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक यातायात रोक दिया गया है। जबकि कई पहाड़ी सड़कें भूस्खलन या अचानक आई बाढ़ के कारण अवरुद्ध या क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश को देखते हुए एहतियात के तौर पर माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा भी रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि 15 घर और चार पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, रामबन और पुंछ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों से भी सार्वजनिक और निजी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि वास्तविक स्थिति का पता जमीनी हालात के आकलन के बाद ही चल सकेगा। मुख्यमंत्री ने लगातार बारिश के कारण जम्मू में आई बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए श्रीनगर में एक बैठक की और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने तथा सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इंटरनेट और मोबाइल सेवा ठप
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, जम्मू प्रांत में भारी बारिश के कारण मोबाइल इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में भी इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी ठप है। हालांकि, कुछ इलाकों में ही कनेक्टिविटी ठीक से काम नहीं कर रही है। लगभग दो घंटे तक कनेक्टिविटी बाधित रही। हालांकि अब इंटरनेट काम करना शुरू कर दिया है।
सीएम अब्दुल्ला ने X पर पोस्ट कर कहा, "जम्मू संभाग के कई हिस्सों में स्थिति काफी गंभीर है। मैं अगली उपलब्ध उड़ान से श्रीनगर से जम्मू जाऊंगा और व्यक्तिगत रूप से निगरानी करूंगा। इस बीच, अत्यावश्यक राहत कार्यों और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए उपायुक्तों को अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।"
कठुआ जिले में आई बाढ़
अधिकारियों ने बताया कि माधोपुर बैराज का जलस्तर एक लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया है और लगातार बढ़ रहा है। इससे कठुआ जिले में रावी नदी के किनारे कई निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है। उन्होंने बताया कि कठुआ में तरनाह नदी, उझ नदी, मग्गर खड्ड, सहार खड्ड, रावी नदी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बार-बार लोगों से बाढ़ग्रस्त नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की घोषणा करते देखे गए।
अधिकारियों ने जिलेवार हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। लोगों से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटे में सबसे अधिक वर्षा कठुआ जिले में दर्ज की गई। यहां 155.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद डोडा के भद्रवाह में 99.8 मिलीमीटर, जम्मू में 81.5 मिलीमीटर और कटरा में 68.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अधिकारियों ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों से जलाशयों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अगस्त तक जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों के कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की आशंका है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की भी आशंका जताई गई है।
जम्मू संभाग में खराब मौसम के कारण विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों में कांस्टेबल पद के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया मंगलवार को स्थगित कर दी गई। जबकि पूरे जम्मू संभाग के सभी स्कूलों को 27 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। जम्मू और कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को होने वाली कक्षा 10वीं और 11वीं की सभी परीक्षाओं को स्थगित करने की भी घोषणा की है।