'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं मुझे हराया गया'! बंगाल चुनाव में हार के बाद अड़ गईं ममता बनर्जी, EC को बताया 'असली विलेन'
West Bengal Result: नतीजों के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि वोटिंग के बाद EVM में 80–90% चार्ज कैसे बचा रहता है। उनके मुताबिक, चुनाव से दो दिन पहले उनकी पार्टी के लोगों को गिरफ्तार किया गया, कई जगह छापेमारी हुई और IPS व IAS अधिकारियों के तबादले किए गए
Mamata Banerjee PC: पश्चिम बंगाल में हार के बाद छलका ममता बनर्जी का दर्द, EC को बताया 'असली विलेन'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहली बार ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और नतीजों पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग को 'असली विलेन' बताया। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, क्योंकि मैं हारी नहीं, मुझे हराया गया है। जब तक मैं हारूंगी नहीं तब तक मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव को लेकर कड़े आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका ठीक नहीं रही और इससे लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने सवाल उठाया कि वोटिंग के बाद EVM में 80–90% चार्ज कैसे बचा रहता है। उनके मुताबिक, चुनाव से दो दिन पहले उनकी पार्टी के लोगों को गिरफ्तार किया गया, कई जगह छापेमारी हुई और IPS व IAS अधिकारियों के तबादले किए गए।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम किया और पूरे चुनाव में गड़बड़ी हुई। उन्होंने कहा कि यह चुनाव जैसे BJP और चुनाव आयोग के बीच “सांठगांठ” जैसा था।
ममता ने बताया गंदा और चालाकी भरा चुनाव
उन्होंने यह भी दावा किया कि वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटा दिए गए थे, लेकिन कोर्ट जाने के बाद 32 लाख नाम वापस जोड़े गए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर भी सीधे हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा “गंदा और चालाकी भरा चुनाव” पहले कभी नहीं देखा।
ममता बनर्जी ने कहा, "मेरे इस्तीफे का तो सवाल ही नहीं उठता, हम जनता के जनादेश से नहीं बल्कि साजिश से हारे हैं।"
100 सीटें हमसे “जबरन छीनी गईं”
ममता ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी है, बल्कि करीब 100 सीटें उनसे “जबरन छीनी गईं”।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने पूरे सिस्टम के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सीधे हस्तक्षेप की बात कही।
ममता बनर्जी के मुताबिक, वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम हटा दिए गए थे। जब वे कोर्ट गईं, तो 32 लाख नाम वापस जोड़े गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में करीब 7 लाख और नाम एक साथ जोड़े गए, जिसकी जानकारी आम लोगों को नहीं थी।
'एक कार्यकर्ता की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करना है'
TMC प्रमुख ने कहा कि उन्हें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन का फोन आया।
उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन के सभी सहयोगियों ने उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है और आने वाले दिनों में यह एकता और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज ही आना चाहते थे, लेकिन उन्होंने उन्हें कल आने को कहा, और धीरे-धीरे सभी नेता उनसे मिलने आएंगे।
अब खुद को “आजाद” मानती हैं ममता
ममता बनर्जी ने कहा कि उनका लक्ष्य साफ है- वह एक आम कार्यकर्ता की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके पास कोई पद नहीं है, इसलिए वह एक आम नागरिक की तरह काम करेंगी और किसी पर पद का इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लग सकता।
उन्होंने अपनी सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों के लिए समर्पित की है, पिछले 15 सालों में न तो पेंशन ली और न ही वेतन। अब वह खुद को “आजाद” मानती हैं और आगे भी लोगों के लिए काम करती रहेंगी।