दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को गिरफ्तार किया है। बता दें कि क्राइम की दुनिया में खुशनुमा अंसारी को ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना जाता है। अंसारी को कथित शार्पशूटर महफूज अली उर्फ बॉबी कबूतर के साथ पकड़ा गया। दोनों को साउथ-वेस्ट दिल्ली में महिपालपुर फ्लाईओवर के पास गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को पहले से खास खुफिया जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए दोनों को रोका गया और हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक अहम कदम है। मामले में आगे की जांच जारी है।
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, स्पेशल सेल की काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट को आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जिस एसयूवी में दोनों सफर कर रहे थे, उसे मंगलवार आधी रात के करीब रोक लिया गया। कार्रवाई के दौरान उनके पास से कथित तौर पर हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, महिला कुछ समय से पुलिस की निगरानी में थी। उस पर गैंग के नेटवर्क की सक्रिय सदस्य होने का शक था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के समय उसके पास से कथित रूप से नशीले पदार्थ भी मिले। फिलहाल पुलिस उससे गैंग की गतिविधियों और ड्रग सप्लाई चेन में उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, खुशनुमा अंसारी खुद को सार्वजनिक रूप से एक मेकअप आर्टिस्ट बताती थी। वह नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक ब्यूटी पार्लर भी चलाती थी। पुलिस को शक है कि यह ब्यूटी पार्लर सिर्फ दिखावे के लिए था और वह इसे अपने आपराधिक कामों को छिपाने के लिए इस्तेमाल कर रही थी। जब वह संगठित अपराध से जुड़े ऑपरेशनों में शामिल थी, तब यही उसकी कवर पहचान बनी हुई थी। सूत्रों ने PTI को बताया कि गैंग में उसकी असली भूमिका की अभी पूरी जांच की जा रही है। हालांकि जांचकर्ताओं का मानना है कि वह गैंग के कामकाज में एक अहम सहायक भूमिका निभा रही थी। फिलहाल मामले की गहराई से जांच जारी है और पुलिस उसके नेटवर्क और गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटा रही है।
मनीकंट्रोल को मिली जानकारी के मुताबिक, खुशनुमा अंसारी पिछले करीब सात साल से बॉबी कबूतर के संपर्क में थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में उसकी कथित भूमिका को देखते हुए उसे “मैडम जहर” नाम दिया गया था। उसी कार्रवाई में पकड़ा गया बॉबी कबूतर पिछले लगभग सात साल से फरार चल रहा था। वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस (Lawrence Bishnoi) का करीबी सहयोगी माना जाता है। जांच में सामने आया है कि कबूतर गैंग की आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था। यह भी दावा किया गया है कि पंजाबी गायक सिद्धु मूसेवाला की हत्या से पहले उसने जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाकर रेकी की थी। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।