Lucknow Murder: शराब के ठेके का लाइसेंस और ₹50 लाख की चोरी, अक्षत को लग गई थी अय्याशी की लत, इस वजह से ली बाप की जान!

Lucknow Blue Drum Murder: अक्षत ने बदला लेने के लिए अगली सुबह (20 फरवरी) के 4 बजने का इंतजार किया। सुबह-सुबह वह अपने पिता के कमरे में गया। जब पिता गहरी नींद में थे, अक्षत ने वही राइफल उठाई और उन्हें गोली मार दी। पिता की मौत के बाद वह लाश को तीसरी मंजिल से नीचे ले आया

अपडेटेड Feb 26, 2026 पर 3:00 PM
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Lucknow Murder: शराब के ठेके का लाइसेंस और ₹50 लाख की चोरी, अक्षत को लग गई थी अय्याशी की लत, इस वजह से ली बाप की जान!

लखनऊ के सनसनीखेज हत्याकांड की जो कहानी सामने आई है, वो किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है। एक बेटे ने मामूली बहस और पैसों के लालच में अपने ही पिता के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। अब तक जो मामला करियर, पढ़ाई और NEET को लेकर हुआ विवाद लग रहा था, उसके पीछे की कहानी कुछ और ही निकली। पड़ोसियों और पुलिस जांच के मुताबिक, इस हत्याकांड की शुरुआत 19 फरवरी की रात को हुई।

दरअसल जब पिता मानवेंद्र सिंह घर लौटे, तो उन्हें पता चला कि घर से ₹50 लाख कैश गायब हैं। पूछताछ में पता चला कि उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने वो पैसे चुराये थे। अक्षत को एक शराब के ठेके का लाइसेंस रिन्यू कराना था, जिसकी आखिरी तारीख 23 फरवरी थी।

इस बात से नाराज होकर पिता ने अक्षत को थप्पड़ मार दिया और गुस्से में उस पर राइफल तान दी। यही वो पल था, जब अक्षत के मन में नफरत और बदले की आग भड़क उठी।


सोते हुए पिता पर वार और लाश के टुकड़े

अक्षत ने बदला लेने के लिए अगली सुबह (20 फरवरी) के 4 बजने का इंतजार किया। सुबह-सुबह वह अपने पिता के कमरे में गया। जब पिता गहरी नींद में थे, अक्षत ने वही राइफल उठाई और उन्हें गोली मार दी।

पिता की मौत के बाद वह लाश को तीसरी मंजिल से नीचे ले आया। वहां एक खाली कमरे में उसने मशीन से शरीर के टुकड़े किए। उसने पिता के दोनों हाथ, घुटनों के नीचे से पैर और सिर काट कर अलग कर दिए।

अगले दो दिनों में उसने शरीर के इन अंगों को घर से 21 किलोमीटर दूर लखनऊ के बाहरी इलाके- सद्रौना के जंगल में फेंक दिया।

नीले ड्रम में छिपाया धड़

अक्षत ने अपने पिता के धड़ को एक स्लीपिंग बैग में लपेटकर कार के अंदर रखे एक नीले ड्रम में छिपा दिया था। वह उसे फेंकने ही वाला था कि तभी शराब की दुकान का मुनीम घर आ गया, जिसकी वजह से उसे अपना प्लान टालना पड़ा। घर में बदबू न फैले, इसके लिए वह लगातार रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता रहा।

बहन थी चश्मदीद गवाह

इस खौफनाक वारदात को अक्षत की बहन ने अपनी आंखों से देखा था, लेकिन अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने खुद थाने जाकर पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

नशा, अय्याशी और गर्लफ्रेंड का चक्कर

पड़ोसियों के मुताबिक, अक्षत को नशे की लत थी और वह अपनी गर्लफ्रेंड को महंगे गिफ्ट देने के लिए घर में चोरियां करता था।

इतना ही नहीं हत्या से कुछ दिन पहले भी उसने घर से गहने और कैश चोरी किए थे और इसका इल्जाम घर की नौकरानी पर लगा दिया था।

पुलिस को उसके बैंक अकाउंट से किसी अनजान व्यक्ति को बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने के सबूत भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।

क्या बेटे को पछतावा है?

जब पुलिस अक्षत को कोर्ट से बाहर ले जा रही थी, तब मीडिया ने उससे पूछा कि क्या उसे अपने पिता की हत्या का दुख है? अक्षत ने बिना सिर उठाए और बिना कुछ बोले बस 'हां' में सिर हिला दिया। उसने यह भी साफ किया कि इस अपराध में उसके परिवार का कोई और सदस्य शामिल नहीं था।

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