Lucknow: कोचिंग सेंटर या मौत का जाल? लखनऊ अग्निकांड का दर्दनाक वीडियो आया सामने...उठे ये सवाल

Lucknow Coaching Centre Fire: घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें हादसे की भयावह तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। एक वीडियो में एक व्यक्ति टूटे हुए शीशे के पास बने छज्जे से लटका हुआ दिखाई देता है। कुछ देर तक वह खुद को संभालने की कोशिश करता है, लेकिन पकड़ छूटने के बाद नीचे गिर जाता है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 8:14 PM
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ है

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सोमवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसे पूरे शहर की आंखे नम हो गई हैं। लखनऊ के अलीगंज इलाके में मौजूद एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 14 छात्रों की मौत हो गई।  मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर कोचिंग और शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है और लोगों में गहरा दुख और नाराजगी है।

पल भर में पूरी इमारत में फैली आग

जानकारी के अनुसार, सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक व्यावसायिक भवन में आग लग गई। इस इमारत में छात्रों के लिए प्रशिक्षण और कोचिंग केंद्र संचालित किया जा रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्र अंदर ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत में कुछ ही देर में घना धुआं भर गया, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। बाहर निकलने के रास्ते भी बाधित हो गए थे। जान बचाने के लिए कई छात्रों को खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े, जबकि कुछ छात्रों ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर बाहर निकलने की कोशिश की।


सामने आए हादसे के दर्दनाक वीडियो

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें हादसे की भयावह तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। एक वीडियो में एक व्यक्ति टूटे हुए शीशे के पास बने छज्जे से लटका हुआ दिखाई देता है। कुछ देर तक वह खुद को संभालने की कोशिश करता है, लेकिन पकड़ छूटने के बाद नीचे गिर जाता है। हादसे के बाद राहत और बचाव दल, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों का पालन कितना प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।

पिछले हादसों से कोई सबक नहीं

लखनऊ में हुआ यह दर्दनाक हादसा कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई शहरों में आग और अन्य सुरक्षा संबंधी हादसे सामने आए हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है। दिल्ली, मुखर्जी नगर और सूरत जैसे शहरों में भी शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। हर बड़े हादसे के बाद लोगों में दुख और गुस्सा देखने को मिलता है। इस बार भी जैसे ही लखनऊ की घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैली, लोगों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी और व्यवस्था की कमियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों का कहना है कि ऐसे हादसे अक्सर लापरवाही और सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन न होने की वजह से होते हैं।

सोशल मीडिया पर लोग जता रहे हैं नाराजगी

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता की कमी दिखाई देती है। एक वायरल टिप्पणी में एक व्यक्ति ने आम नागरिकों की परेशानियों और बेबसी का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार ऐसा महसूस होता है कि आम लोगों की जान और सुरक्षा को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। इस हादसे ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक इमारतों, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल आग लगने की असली वजह का पता नहीं चल पाया है। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को एक घंटे से अधिक समय लगा। इस दौरान आग लगातार फैलती रही और इमारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए। कुछ लोगों का कहना है कि कई व्यावसायिक इमारतों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

उठ रहे हैं ये सवाल

वहीं सोशल मीडिया यूज़र्स ने इमारतों के बाहरी हिस्सों में इस्तेमाल होने वाली कुछ निर्माण सामग्री पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कुछ प्रकार के प्लास्टिक आधारित पैनल और सजावटी सामग्री आग लगने पर बहुत तेजी से जलती हैं, जिससे आग तेजी से फैल सकती है। लोगों ने मांग की है कि ऐसी सामग्री के इस्तेमाल की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर उन पर सख्त नियम लागू किए जाएं। लोगों का यह भी कहना है कि देश के कई बड़े व्यावसायिक क्षेत्रों में एक जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। कई इमारतों में संकरी सीढ़ियां, उलझी हुई बिजली की तारें, अव्यवस्थित निर्माण और सुरक्षा उपकरणों की कमी जैसी खामियां मौजूद हैं। ऐसे हालात किसी भी हादसे को और गंभीर बना सकते हैं।

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