Maharashtra: अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ खेला! सस्पेंड किए गए 12 पार्षदों ने थामा BJP का दामन

Maharashtra Congress: कांग्रेस ने गुरुवार (8 जनवरी) को कहा कि पार्टी ने अंबरनाथ महानगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन करने वाले पार्षदों को निलंबित कर दिया। लेकिन सत्तारूढ़ दल अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा, जिससे उसका दोहरा रवैया साफ झलकता है

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 5:04 PM
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Maharashtra Congress: कांग्रेस ने BJP के साथ गठबंधन करने वाले पार्षदों को निलंबित कर दिया था (फाइल फोटो)

Maharashtra Congress: महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगरपालिका परिषद के नवनिर्वाचित जिन 12 पार्षदों को चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जुड़ने के कारण कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था, वे अब औपचारिक रूप सेगवा पार्टी में शामिल हो गए हैंबीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पार्टी कार्यालय में इस घटनाक्रम की घोषणा कीउन्होंने कहा कि यह कदम सत्ता की लालसा से नहींबल्कि विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित है

उन्होंने कहा, "जनता ने इन पार्षदों को चुना है और उन्होंने नागरिकों को विकास का वादा किया थावे हमारे साथ इसलिए आए हैं क्योंकि सरकार गतिशील ढंग से काम कर रही हैलोगों को न्याय एवं विकास प्रदान करने में सक्षम है"

BJP ने 20 दिसंबर को हुए स्थानीय चुनाव के बाद अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ अंबरनाथ विकास आघाडी (AVA) के बैनर तले गठबंधन करके अंबरनाथ नगर परिषद (ठाणे जिले में) का नेतृत्व संभालाफिर सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया, जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरीइस आघाडी में अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भी शामिल है


एवीए ने 60 सदस्यीय स्थानीय निकाय में 31 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया। हाल में हुए चुनाव में शिवसेना ने 27 सीट जीती, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। BJP ने 14 सीट, कांग्रेस ने 12, NCP ने चार सीट जीतीं। जबकि दो निर्दलीय भी चुनाव जीते।

एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन के साथ तीन दलों वाले इस गठबंधन में पार्षदों की संख्या 32 तक पहुंच गई, जो बहुमत के आंकड़े 30 से अधिक है। इस असामान्य व्यवस्था से तमतमाई कांग्रेस ने बुधवार को अपने 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया।

निलंबित पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के कदम ने नगरपालिका के राजनीतिक समीकरणों को काफी हद तक बदल दिया है। BJP, NCP और शिवसेना सत्तारूढ़ 'महायुति' में सहयोगी हैं। चव्हाण ने कहा कि पार्षदों का यह कदम BJP सरकार में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

BJP पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का लगाया आरोप

कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि बार-बार ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ की बात करने वाली बीजेपी ने अपने पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई न कर अपना पाखंड एवं दोहरा मापदंड उजागर कर दिया है। जबकि यह खुलासा हो चुका था कि गठबंधन बनाने का प्रस्ताव स्वयं बीजेपी की ओर से आया था।

सावंत ने अकोला जिले की अकोट महानगर पालिका में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के साथ बीजेपी के गठबंधन की तुलना स्वतंत्रता-पूर्व काल से की। जब हिंदू महासभा ने कई क्षेत्रों में मुस्लिम लीग के साथ सत्ता साझा की थी।

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सावंत ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से यह कहती आ रही है कि बीजेपी एवं एआईएमआईएम पर्दे के पीछे मिलकर काम करते हैं। अब उनकी राजनीतिक निकटता खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को अब समझ आ गया है कि ध्रुवीकरण जानबूझकर कैसे किया जाता है।

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