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Maharashtra Civic Polls: पुणे से BJP उम्मीदवार पूजा मोरे अब नहीं लड़ेंगी निकाय चुनाव, फडणवीस की आलोचना वाला का पुराना वीडियो पड़ा भारी

Maharashtra Civic Polls: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अंदरूनी विरोध का सामना करने के बाद वार्ड नंबर 2 से अपने उम्मीदवार को हटा लिया है। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव के बीच उम्मीदवार पूजा मोरे ने अपना नाम वापस ले लिया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 11:24 AM
Maharashtra Civic Polls: पुणे से BJP उम्मीदवार पूजा मोरे अब नहीं लड़ेंगी निकाय चुनाव, फडणवीस की आलोचना वाला का पुराना वीडियो पड़ा भारी
Maharashtra Civic Polls: BJP ने पूजा मोरे को पुणे नगर निगम चुनाव की दौड़ से हटा दिया है

Maharashtra Civic Polls: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद पुणे महानगरपालिका चुनाव में पूजा मोरे जाधव की उम्मीदवारी वापस ले ली हैपूजा मोरे को 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए सहयोगी दल RPI (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया) के कोटे के तहत वार्ड नंबर दो से उम्मीदवार के रूप में बीजेपी की ओर से एबी फॉर्म (नामांकन दाखिल करने के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण दस्तावेज) दिया गया था।

उनकी उम्मीदवारी तब विवाद में आ गई जब मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी के खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों वाले उनके पुराने वीडियो सामने आए। केंद्रीय मंत्री और पुणे से बीजेपी सांसद मुरलीधर मोहोल ने पुष्टि की है कि उनका नामांकन वापस ले लिया गया है।

वहीं, मोरे जाधव ने खुद को सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार बताया। उन्होंने कहा, "मेरे बारे में गलत जानकारी फैलाई गई। यह दिखाने की कोशिश की गई कि मैं बीजेपी की विचारधारा में विश्वास नहीं रखती। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग को देखते हुए मैंने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।" उन्होंने यह भी दावा किया कि ये टिप्पणियां किसी और लड़की ने की थी। लेकिन उनका नाम इससे जोड़ दिया गया।

BJP के अंदर ही शुरू हुआ विरोध?

BJP ने पहले पूजा मोरे को वार्ड नंबर 2 से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, इस फैसले से पार्टी के अंदर विरोध शुरू हो गया। कई BJP कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया। आने वाले नगर निगम चुनावों से पहले उनके पुराने बयानों पर आपत्तियां उठाई गई।

इसमें पहलगाम हमले के बाद उनकी शुरुआती प्रतिक्रिया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करने वाली पुरानी टिप्पणियां शामिल थीं। पुराने वीडियो और उनके पोस्ट सोशल मीडिया पर फिर से सामने आए। इससे उनकी जमकर ट्रोलिंग हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके नॉमिनेशन के खिलाफ एक लगातार कैंपेन चलाया।

जैसे-जैसे अंदरूनी विरोध बढ़ा पूजा मोरे ने आखिरकार अपना नॉमिनेशन वापस ले लिया। उन्होंने आगे कहा कि उनके जैसी जमीनी कार्यकर्ता के लिए एक बड़ी पॉलिटिकल पार्टी से टिकट मिलना एक दुर्लभ मौका था। उन्होंने कहा, "यह समाज के सबसे निचले स्तर के लोगों के लिए न्याय के लिए काम करने का एक सुनहरा मौका था।"

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