महाराष्ट्र के सियासी अखाड़े से एक और बहुत बड़ी खबर आ रही है। उद्धव ठाकरे गुट के जो 6 सांसद मंगलवार रात नाटकीय अंदाज में दिल्ली पहुंचे थे, उन्होंने वहां जाकर एक नया गुट बना लिया है। इतना ही नहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस नए गुट को अपनी मंजूरी भी दे दी है। इस हरी झंडी के बाद अब इन सांसदों का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
राजनीतिक गलियारों में इस पूरी उठापटक को 'ऑपरेशन टाइगर 2' का नाम दिया जा रहा है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती, चर्चा है कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है, असली फिल्म यानी 'ऑपरेशन टाइगर 3' आना अभी बाकी है!
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में इस बगावत (ऑपरेशन टाइगर) की सुगबुगाहट चल रही थी। उद्धव ठाकरे और उनका गुट इस फूट को रोकने के लिए लगातार बैठकें कर रहा था और फूंक-फूंक कर कदम रख रहा था। लेकिन मंगलवार शाम होते-होते ठाकरे गुट की सारी कोशिशें धरी की धरी रह गईं। उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले सांसदों में शामिल हैं:
इन सभी ने अब संसद में अपना अलग गुट बनाकर एकनाथ शिंदे को समर्थन दे दिया है। माना जा रहा है कि 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस (Anniversary Program) के मौके पर ये सभी सांसद सार्वजनिक रूप से शिंदे गुट के मंच पर नजर आ सकते हैं।
अब मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर नजर: 'ऑपरेशन टाइगर 3' की आहट!
इस बड़े सियासी उलटफेर के तुरंत बाद एकनाथ शिंदे के करीबी और शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने एक बहुत बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। उनके मुताबिक, सांसदों के जाने के बाद अब उद्धव ठाकरे को अगला बड़ा झटका मुंबई महानगर पालिका (BMC) में लगने जा रहा है। म्हस्के का दावा है कि ठाकरे गुट के कई पूर्व कॉर्पोरेटर्स (पार्षद) भी जल्द ही उनका साथ छोड़ सकते हैं।
मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर पिछले 25 सालों से शिवसेना (अब ठाकरे गुट) का राज रहा है। हालांकि, हाल के दिनों में यहां बीजेपी ने अपनी ताकत बढ़ाई है, फिर भी मुंबई में ठाकरे गुट का अच्छा-खासा दबदबा बचा हुआ था। अगर अब बीएमसी के पार्षद भी टूटते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे की रही-सही ताकत को पूरी तरह खत्म कर देगा। इसी संभावित टूट को 'ऑपरेशन टाइगर 3' कहा जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सांसदों को खोने के बाद क्या उद्धव ठाकरे अपने पार्षदों और बचे हुए नेताओं को बचा पाएंगे? या फिर महाराष्ट्र की जनता को बहुत जल्द 'ऑपरेशन टाइगर 3' के रूप में एक और बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिलेगा? फिलहाल, पूरे देश की नजरें महाराष्ट्र की इस पल-पल बदलती राजनीति पर टिकी हैं।