Maharashtra Zilla Parishad Election Results 2026: महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव के लिए मतों की गिनती सोमवार (9 फरवरी) सुबह शुरू हो गई। पहले निर्धारित कार्यक्रम के तहत ये चुनाव पांच फरवरी को होने थे। लेकिन पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में निधन और इसके बाद तीन दिनों के राजकीय शोक के कारण इन्हें स्थगित कर 7 फरवरी को कराया गया। मतगणना सुबह 10 बजे शुरू हुई। इन चुनावों में 2.08 करोड़ मतदाताओं में से 68.28 प्रतिशत से अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
ये मतदान रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिला परिषद के 731 सदस्यों के चुनाव के लिए हुए। इसके अलावा, इनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली 125 पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए भी मतदान कराया गया।
दांव पर 7438 उम्मीदवारों की किस्मत
इन चुनावों में कुल 7,438 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होने जा रहा है। जिला परिषद चुनावों में कुल 2,624 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि पंचायत समिति चुनावों में 4,814 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। प्रत्येक मतदाताओं ने दो वोट डाले जिनमें एक जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के लिए और दूसरा पंचायत समिति निर्वाचन मंडल के लिए। जिला परिषद चुनावों के लिए सफेद, जबकि पंचायत समिति चुनावों के लिए गुलाबी मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया।
विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद पहली बड़ी चुनावी कसौटी माने जा रहे इन चुनावों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक एकता के लिहाज से सभी की नजर है। पश्चिमी महाराष्ट्र के अपने गढ़ों में पार्टी के विभिन्न गुटों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा है।
ये नतीजे दिवंगत अजित पवार और पार्टी संस्थापक शरद पवार के नेतृत्व वाले NCP गुटों की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दोनों गुटों ने पुणे, सातारा, सोलापुर और सांगली में इन चुनावों के लिए अपनी दो साल पुरानी प्रतिद्वंद्विता को दरकिनार करते हुए अनौपचारिक गठबंधन किया था। यहां दोनों पक्षों के उम्मीदवार मूल चुनाव चिह्न 'घड़ी' के साथ मैदान में उतरे। दोनों गुटों ने पिछले महीने पुणे और पिंपरी चिंचवड निकाय चुनाव भी साथ मिलकर लड़ा था।
महाराष्ट्र में हुए 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों में 68.28 प्रतिशत मतदान हुआ। परभणी जिले में सबसे अधिक 74.89 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि रत्नागिरी में सबसे कम 55.79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शनिवार को रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धराशिव और लातूर जिलों में 731 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान हुआ।
चुनाव आयोग के अनुसार, परभणी के बाद कोल्हापुर का स्थान रहा, जहां 74.45 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि छत्रपति संभाजीनगर में 72.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। ये चुनाव मूल रूप से पांच फरवरी को होने थे। लेकिन NCP प्रमुख अजित पवार के निधन के कारण स्थगित कर दिए गए थे। इस त्रासदी के बाद पहली बड़ी चुनावी परीक्षा के रूप में देखे जा रहे जिला परिषद के चुनावों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की भविष्य की दिशा के लिए कड़ी नजर रखी जा रही है।