देश के इस राज्य में हीरे का बड़ा खजाना! मिले करोड़ों की कीमत के 5 हीरे...सामने आई ये बात

अधिकारियों का कहना है कि इस खोज से इलाके में हीरों के और बड़े भंडार मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे भविष्य में खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है। यह सफलता खोज क्षेत्र से जुटाए गए करीब 200 टन खनिजयुक्त मिट्टी और पत्थरों की वैज्ञानिक जांच के बाद मिली है

अपडेटेड Jun 23, 2026 पर 3:42 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हीरों के सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी सफलता मिली है। ( AI रिप्रेजेंटेटिव इमेज)

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हीरों के सर्च ऑपरेशन के दौरान वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। एग्जामिनेशन एंड टेस्टिंग के लिए जुटाए गए सैंपल में से 5 हीरे मिले हैं। इसे राज्य में नए खनिज संसाधनों की खोज की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरकारी कंपनी एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड के मुताबिक, ये हीरे महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलोदा-बेलमुंडी हीरा क्षेत्र से लिए गए सैंपल की जांच के दौरान मिले हैं। मिले सभी 5 हीरों का कुल वजन 1.22 कैरेट है। इनमें से 2 हीरे अच्छी गुणवत्ता वाले हैं, जिनका इस्तेमाल आभूषणों में किया जा सकता है। वहीं बाकी 3 हीरे दूसरी श्रेणी के हैं।

 हीरे का बड़ा खजाना! 

अधिकारियों का कहना है कि इस खोज से इलाके में हीरों के और बड़े भंडार मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे भविष्य में खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है। यह सफलता खोज क्षेत्र से जुटाए गए करीब 200 टन खनिजयुक्त मिट्टी और पत्थरों की वैज्ञानिक जांच के बाद मिली है। इस अभियान के तहत उन इलाकों की पहचान की गई, जहां हीरे मिलने की संभावना थी। इसके लिए नदी-नालों की तलछट के नमूने जुटाए गए, भू-वैज्ञानिक सर्वे किए गए और जमीन की गहराई तक ड्रिलिंग की गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के नतीजों से यह साफ हो गया है कि इस क्षेत्र में हीरे से जुड़े खनिज मौजूद हैं। इससे भविष्य में यहां और बड़े स्तर पर हीरों की खोज की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।


यहां मिले करोड़ों की कीमत के 5 हीरे

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अभी सिर्फ कुछ हीरे मिलने भर से यह तय नहीं किया जा सकता कि यह क्षेत्र व्यावसायिक खनन के लिए पूरी तरह लाभदायक है। इसके लिए आगे और विस्तृत जांच, अतिरिक्त नमूनों की जांच और अध्ययन की जरूरत होगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि यहां हीरों का भंडार कितना बड़ा है, उनकी गुणवत्ता कैसी है और खनन आर्थिक रूप से कितना फायदेमंद होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को राज्य के खनन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की खोज के लिए वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा देने का काम आगे भी जारी रखा जाएगा।

मिले हुए हीरों को आगे की जांच, इवैल्यूएशन और जरूरी सरकारी प्रक्रियाएं पूरी होने तक सुरक्षित रखा गया है। इसके लिए उन्हें मध्य प्रदेश के पन्ना स्थित एनएमडीसी की विशेष सुविधा में भेजा गया है। छत्तीसगढ़ में नए खनिज संसाधनों की खोज के तहत बलोदा-बेलमुंडी क्षेत्र की कई वर्षों से लगातार जांच और अध्ययन किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई खोज से इलाके में आगे होने वाले खोज कार्यों को नई दिशा मिलेगी और यहां मौजूद खनिज संपदा के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।