नासिक TCS केस में बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी निदा खान छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार

Nashik TCS Case: यौन शोषण और धर्मांतरण के मामले में FIR दर्ज होने के 40 दिन बाद, निलंबित TCS कर्मचारी निदा खान को गुरुवार देर रात महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी नासिक SIT और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस कमिश्नर के संयुक्त अभियान से किया गया।

अपडेटेड May 08, 2026 पर 7:50 AM
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नासिक धर्मांतरण मामले में फरार आरोपी निदा खान गिरफ्तार

Nashik TCS Case: बलात्कार, यौन शोषण और धर्मांतरण के मामले में FIR दर्ज होने के 40 दिन बाद, निलंबित TCS कर्मचारी निदा खान को गुरुवार देर रात महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गिरफ्तार किया गया। नासिक SIT, छत्रपति संभाजीनगर क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस कमिश्नर द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान के बाद खान को गिरफ्तार किया गया।

निदा खान कौन हैं? नासिक TCS मामला क्या है?

निदा खान TCS की निलंबित कर्मचारी है, जो कंपनी की नासिक यूनिट में कार्यरत थी। उस पर यौन उत्पीड़न, मानसिक शोषण और महिलाओं पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने से संबंधित एक मामले में संलिप्त होने का आरोप है। इससे पहले, पुलिस ने इसी मामले में छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था।


पुलिस ने बताया कि निदा खान कई दिनों से फरार थी और नासिक पुलिस की टीम उसकी तलाश कर रही थी।

सूत्रों के अनुसार, निदा खान पिछले चार दिनों से नारेगांव के कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में रह रही थी। पुलिस पिछले दो दिनों से फ्लैट पर नजर रख रही थी। वह वहां अपने माता-पिता, भाई और चाची के साथ रह रही थी। निदा खान को JMFC (Judicial Magistrate First Class) के न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया, ट्रांजिट रिमांड प्राप्त की गई और फिर पुलिस उसे अपने साथ ले गई।

हालांकि, खान ने गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा के लिए अपनी दो महीने की गर्भावस्था को आधार बताया था, लेकिन अदालत ने इस पर सहमति नहीं जताई। अदालत ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की बात को सही माना और कहा कि इस मामले की जांच में उसका रोल अभी भी काफी अहम है।

वहीं, निदा खान के खिलाफ दर्ज FIR में नासिक स्थित IT कंपनी के ऑफिस के माहौल को लेकर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, खान पर आरोप है कि वह अपनी महिला सहकर्मियों पर इस्लामिक परंपराओं को अपनाने का दबाव डालती थीं, जैसे कपड़ों और खाने-पीने की आदतों को लेकर सलाह देना।

विशेष लोक अभियोजक अजय मिसार द्वारा पेश किए गए सबूतों में कहा गया है कि खान ने एक शिकायतकर्ता को बुर्का और हिजाब दिया, उसे नमाज पढ़ना सिखाया और उसके मोबाइल फोन में इस्लामिक शिक्षा से जुड़े ऐप भी इंस्टॉल कराए।

आगे के आरोपों में कहा गया है कि एक पीड़िता का नाम बदलकर “हानिया” रखने की योजना बनाई गई थी और उसे नौकरी के लिए मलेशिया भेजने की भी साजिश थी।

जांचकर्ताओं का मानना है कि निदा खान से हिरासत में पूछताछ जरूरी है, ताकि उसके मोबाइल फोन और डायरी को बरामद किया जा सके। इनसे यह पता चल सकता है कि क्या उसे बाहर से फंडिंग मिल रही थी और मालेगांव व मलेशिया में धर्म परिवर्तन से जुड़े बड़े नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं।

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