TMC नाम और चिन्ह फ्रीज करने के चुनाव आयोग के आदेश को ममता गुट ने बताया गैर-कानूनी, बागी गुट ने किया स्वागत

पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘घास पर दो फूल’ वाला चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया है।

अपडेटेड Sep 18, 2026 पर 11:48 AM
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TMC नाम और चिन्ह फ्रीज करने के चुनाव आयोग के आदेश को ममता गुट ने बताया गैर-कानूनी

पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘घास पर दो फूल’ वाला चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया है। वहीं, आयोग के इस अंतरिम फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं। ममता बनर्जी के गुट ने इस आदेश को "कानून के खिलाफ" बताते हुए खारिज कर दिया, जबकि बागी नेता रिताब्रत बनर्जी के गुट ने इसका स्वागत किया।

TMC सांसद कल्याण बनर्जी, जो पूर्व मुख्यमंत्री के वफादार हैं, ने कहा कि वे इस आदेश को नहीं मानते।

PTI के अनुसार, बनर्जी ने कहा, "यह आदेश कानून के खिलाफ है। हम इसे नहीं मान रहे हैं क्योंकि इसमें कई कानूनी कमियां हैं। आदेश में तथ्यों को सही ढंग से पेश नहीं किया गया है। लेकिन कभी-कभी आपको ऐसी चीजें माननी पड़ती हैं जो कुछ समय के लिए नियमों, कायदों और कानून के मुताबिक न हों। हम अपना जवाब देंगे और कल सुबह 11 बजे तक आपको बता देंगे।"


इस बीच, बागी गुट के नेता और TMC विधायक अखरुज्जमान अंसारी ने कहा कि वे अंतरिम व्यवस्था को मानेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि उन्हें आखिरकार पार्टी का "असली" नाम और चुनाव चिह्न मिल जाएगा।

विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक अंसारी ने कहा, "हम EC के आदेश को मानते हैं। जाहिर है, हम 'घास पर दो फूल' वाला चुनाव चिह्न चाहते थे। लेकिन EC ने अभी के लिए अंतरिम आदेश दिया है। हमें भरोसा है कि जब EC अपना अंतिम फैसला सुनाएगा, तो हमें पार्टी का आधिकारिक और असली नाम और चुनाव चिह्न मिल जाएगा।"

बता दें कि चुनाव आयोग का कहना है कि उसे दो विरोधी गुट मिले हैं जो 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' होने का दावा कर रहे हैं। इसलिए, 'चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968' के पैरा 15 के तहत इस मामले पर फैसला लेना जरूरी हो गया है।

चुनाव आयोग ने कहा है कि जब तक इस मामले में अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में दोनों में से किसी भी गुट को “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम या आरक्षित “फूल और घास” वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।

दोनों गुटों को देने होंगे नाम और सिंबल के विकल्प

आयोग के निर्देशों के मुताबिक, दोनों गुटों को 18 सितंबर 2026 की सुबह 11 बजे तक अपनी-अपनी पसंद के तीन नाम और फ्री सिंबल सूची में से तीन चुनाव चिह्नों के विकल्प (वरीयता के आधार पर) सौंपने होंगे। यदि वे चाहें तो अपने नए नाम में मूल पार्टी के नाम का संदर्भ जोड़ सकते हैं।

बंगाल की दो सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग

बता दें कि पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। इन दोनों ही सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं और असली पार्टी होने का दावा ठोका है।

वहीं, आयोग के इस नए कदम के बाद अब दोनों ही गुटों को नए नाम और नए चुनाव चिह्न के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।

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