Manipur CM: मणिपुर में सरकार बनाने जा रही BJP! मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू, तरुण चुघ केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त
Manipur CM: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मणिपुर में मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। BJP के नेशनल जनरल सेक्रेटरी तरुण चुघ को मणिपुर पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने की प्रक्रिया की देखरेख के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है
Manipur CM: सूत्रों के मुताबिक BJP जल्द ही मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है
Manipur CM: भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने मणिपुर पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए BJP महासचिव तरुण चुघ को सोमवार (2 फरवरी) को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। बीजेपी का यह कदम पूर्वोत्तर राज्य में एक लोकप्रिय सरकार के संभावित गठन का संकेत देता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब मणिपुर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायक BJP के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा बुलाए जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं। इसका उद्देश्य राज्य में सरकार के गठन पर चर्चा करना था।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की मौजूदा कानूनी मियाद अगले सप्ताह समाप्त हो रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान में कहा, "BJP संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में पार्टी विधायक दल नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।"
पूर्वोत्तर के इस राज्य में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
बीरेन सिंह ने दिया था इस्तीफा
पूर्व सीएम बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले साल 9 फरवरी को इस्तीफा दिए जाने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना आवश्यक हो गया था। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि विधायकों के सोमवार शाम को बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। इसमें मणिपुर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
20 विधायक दिल्ली पहुंचे
सूत्रों के मुताबिक, मणिपुर के करीब 20 विधायक रविवार रात को दिल्ली पहुंचे। जबकि बाकी के विधायक बीजेपी नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। बीजेपी नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है कि वह अगले कुछ दिनों में यह फैसला लेगा कि मणिपुर में पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार का गठन करना है या नहीं।
मणिपुर के विधायकों की बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक ऐसे समय हो रही है जब राष्ट्रपति शासन के दूसरे कार्यकाल की समाप्ति कुछ दिन में होने वाली है। पूर्वोत्तर के इस राज्य में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
पूर्व सीएम भी राजधानी में मौजूद
पीटीआई के मुताबिक, मणिपुर के जो नेता दिल्ली आए है उनमें पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मौजूदा समय में स्थगित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और पूर्व मंत्री वाई खेमचंद सिंह शामिल हैं। बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी भी राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में अपने मैतेई और कुकी विधायकों, सहयोगी दलों एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ अलग-अलग कई बैठकें कीं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लोकप्रिय सरकार के गठन के लिए राजनीतिक स्थिति अनुकूल है।
उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर, 2025 को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और पार्टी के पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक संबित पात्रा ने दिल्ली में एक ही छत के नीचे मैतेई और कुकी समुदायों से आने वाले बीजेपी विधायकों से मुलाकात की।
किसके पास कितने हैं विधायक?
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में इस समय BJP के 37 विधायक हैं। BJP ने 2022 के चुनाव में 32 सीट हासिल की थी। लेकिन बाद में जनता दल यूनाइटेड के छह विधायकों में से पांच ने उसका दामन थाम लिया। इसी के साथ सदन में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई।
इसके अलावा सदन में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस (KPA) के दो, जनता दल यूनाइटेड (JDU) का एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। एक सीट निवर्तमान विधायक के निधन से खाली है।
सूत्रों ने बताया कि यदि आने वाले हफ्तों में नई सरकार का गठन नहीं होता तो कानूनी बाध्यता के मद्देनजर राष्ट्रपति शासन के विस्तार के लिए संसद के दोनों सदनों में चल रहे बजट सत्र के पहले हिस्सें में भी प्रस्ताव पारित करना होगा।