Manipur CM: मणिपुर में बुधवार (4 फरवरी) को औपचारिक रूप से राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया। इससे युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। युमनाम खेमचंद सिंह बुधवार (4 फरवरी) शाम छह बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया। अशांत मणिपुर में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू था।
गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की है। इस बीच, बीजेपी की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष ए. शरद देवी ने बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश किया। देवी ने बताया कि 62-वर्षीय सिंह के नेतृत्व में NDA की एक टीम ने इंफाल स्थित लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
भल्ला से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचंदपुर और फेरजॉल के कुकी बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे। BJP प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा, "हमने अपने नव निर्वाचित विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह और BJP पर्यवेक्षक तरुण चुघ की मौजूदगी में राज्यपाल से मुलाकात की। NDA ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।"
6 बजे सीएम पद की लेंगे शपथ
बीजेपी की मणिपुर इकाई ने X पर एक पोस्ट में कहा, "वाई खेमचंद सिंह का मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह आज यानी चार फरवरी 2026 को शाम छह बजे लोक भवन में होगा।" पोस्ट में आगे कहा गया, "उनके अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इससे राज्य में स्थिरता और प्रगति का एक नया युग शुरू होगा।"
सिंह को मंगलवार को नई दिल्ली में BJP विधायक दल का नेता और उसके बाद NDA विधायक दल का नेता चुना गया। BJP विधायक थोंगबम बिस्वजीत ने पहले कहा था कि सिंह समेत पांच विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। मंगलवार को हुई बैठक में बीजेपी के 37 में से 35 विधायकों के अलावा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में मणिपुर भवन में एक और बैठक आयोजित की गई जिसमें मणिपुर में NDA के घटक दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय विधायक तथा BJP के विधायक उपस्थित थे। उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले नेमचा किपगेन को NDA विधायक दल के उपनेता के रूप में समर्थन दिया।
सिंगजामेई के विधायक सिंह ने कहा, "विकसित भारत और विकसित मणिपुर के दृष्टिकोण को हासिल करने की दिशा में राजनीतिक यात्रा चुनौतियों से भरी है। लेकिन हमारी प्राथमिकताएं इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहेंगी। मुझ पर विश्वास, जिम्मेदारी और सम्मान जताने के लिए मैं सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं।"
मणिपुर के पर्वतीय जिलों में बहुसंख्यक मैतई समुदाय के अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च निकाले जाने के बाद राज्य में तीन मई, 2023 से जातीय हिंसा जारी है। तब से जारी जातीय हिंसा में कुकी और मैतई समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 260 लोग मारे गए हैं। जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। राज्य में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू था। इसे आखिरकार 4 फरवरी को हटा लिया गया।