Yumnam Khemchand Singh: मणिपुर में युमनाम खेमचंद सिंह को मंगलवार (3 फरवरी) को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्य में उनके नेतृत्व में सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के अनुसार, कुकी समुदाय से आने वाली महिला नेता और पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन के नई सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना है। मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था।
वर्तमान में, मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जनता दल यूनाइटेड (BJP) ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। अन्य विधायकों में से छह नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) से, पांच नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक JDU से और तीन निर्दलीय हैं।
एक मौजूदा विधायक का निधन हो जाने के कारण वर्तमान में एक सीट खाली है। मणिपुर में एनपीएफ और एनपीपी, NDA के घटक दल हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मैतेई और कुकी विधायकों, सहयोगी एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें की। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या राजनीतिक हालात सरकार के गठन के लिए अनुकूल है।
14 दिसंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन), बी एल संतोष और पार्टी नेता संबित पात्रा ने मैतेई और कुकी समुदायों के भाजपा विधायकों से दिल्ली में मुलाकात की थी। पिछले साल 9 फरवरी को बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। उनका इस्तीफा मैतेई और कुकी समुदायों के बीच महीनों से जारी जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि में आया था।
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?
62 साल के वाई खेमचंद सिंह एक ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं। वह बीजेपी उम्मीदवार के रूप में सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से 2017 और 2022 में मणिपुर विधानसभा के लिए चुने गए। पिछले साल 8 दिसंबर को वह कामजोंग जिले के उखरुल के लिटान और चासाद में कुकी समुदाय के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए बने राहत शिविरों का दौरा करने वाले पहले मैतेई विधायक बने। उन्होंने कुकी समुदाय के विस्थापित लोगों से बातचीत की।
इससे पहले वह 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्हें 2022 में बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया था। उन्हें नगर प्रशासन एवं आवास विकास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और शिक्षा विभागों का प्रभार सौंपा गया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि वह मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व के खिलाफ BJP के अंदरूनी विरोध का हिस्सा रहे।
दिलचस्प बात यह है कि खेमचंद ने अपना राजनीतिक करियर 2002 में पूर्व CM बीरेन सिंह के साथ डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी के हिस्से के तौर पर शुरू किया था। ये भारत सरकार के नागा विद्रोही ग्रुप NSCN(IM) के साथ 1997 के सीजफायर को बढ़ाने के खिलाफ मैतई ग्रुप्स के आंदोलन के बाद शुरू हुई थी। इस संगठन ने एक नया क्लॉज जोड़ने पर एतराज जताया था।
खेमचंद एक सीनियर ताइक्वांडो खिलाड़ी और टीचर हैं। उन्हें हाल ही में 5th डैन ब्लैक बेल्ट मिली है। 2013 में पार्टी में शामिल होने के बाद BJP के टिकट पर 2017 में सिंगजामेई सीट से मणिपुर विधानसभा में आए और राज्य में पहली BJP सरकार का हिस्सा बने। बीरेन सिंह की पहली सरकार में खेमचंद असेंबली के स्पीकर बने।