Manipur Violence: मणिपुर में फिर हिंसा! उग्रवादियों ने कई घरों में लगाई आग, फायरिंग और पत्थरबाजी के बाद उखरुल में धारा 144 लागू

Manipur tensions: अधिकारियों ने सोमवार (9 फरवरी) को बताया कि रविवार शाम को मणिपुर के उखरुल जिले के लिटान गांव में दो आदिवासी समूहों ने पथराव किया। इसके कारण प्रशासन को धारा 144 लागू करनी पड़ी। लिटान सारेइखोंग में तंगखुल नगा समुदाय के कई मकानों में कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा आग लगा दी गई

अपडेटेड Feb 09, 2026 पर 11:50 AM
Manipur tensions: उग्रवादियों के कई मकानों में आग लगाने के बाद उखरुल में तनाव पैदा हो गया है

Manipur tensions: मणिपुर के उखरुल जिले में हथियारबंद उग्रवादियों ने कई मकानों में कथित तौर पर आग लगा दी। यह घटना तंगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर लोगों के एक समूह द्वारा हमला किए जाने के बाद इलाके में तनाव बढ़ने के बीच हुई। अधिकारियों ने सोमवार (9 फरवरी) को बताया कि रविवार शाम को जिले के लिटान गांव में दो आदिवासी समूहों ने पथराव किया। इसके कारण प्रशासन को धारा 144 लागू करनी पड़ी।

उन्होंने बताया कि मध्यरात्रि के आसपास लिटान सारेइखोंग में तंगखुल नगा समुदाय के कई मकानों में कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा आग लगा दी गई। पास के ही एक इलाके में कुकी समुदाय के कुछ लोगों के मकानों को भी जला दिया गया।

तंगखुल मणिपुर की सबसे बड़ी नगा जनजाति है। लितान सारेइखोंग कुकी बहुल गांव है। जिले के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, "नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।" अधिकारियों ने बताया कि फायरिंग और पत्थरबाजी के बाद उखरुल में धारा 144 लागू है।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज में हथियारबंद लोग गांव में मकानों और वाहनों को आग लगाते हुए और उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों से हवा में गोली चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही को रोकने के लिए महादेव, लंबुई और शांगकाई तथा लिटान की ओर जाने वाले अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने लिटान सारेइखोंग गांव में आपस में भिड़े दो आदिवासी समूहों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। उखरुल जिले के मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि तंगखुल नगा और कुकी समुदायों के सदस्यों के बीच तनाव के कारण गांव में शांति और व्यवस्था भंग होने की आशंका है।

जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास ने अधिसूचना में कहा कि रविवार शाम सात बजे से अगले आदेश तक किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना प्रतिबंधित है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश सरकारी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर लागू नहीं होगा।

शनिवार रात लिटान गांव में सात से आठ लोगों द्वारा तंगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित पक्ष और लिटान सारेइखोंग के मुखिया के बीच मामला सुलझ गया था। दोनों पक्ष आपसी सहमति से पारंपरिक तरीकों से समस्या का समाधान करने पर सहमत हुए थे। रविवार को एक बैठक निर्धारित की गई थी लेकिन बैठक नहीं हुई।

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उन्होंने बताया कि इसके बजाय पास के सिकिबुंग गांव के ग्रामीणों के एक समूह ने लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर कथित तौर पर हमला किया। ऐसी जानकारी है कि ग्रामीणों ने लिटान पुलिस थाने के आसपास से गुजरते समय सात गोलियां भी चलाईं।

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