Rath Yatra 2025: पुरी में रथ यात्रा के दौरान हुआ हादसा, उमड़ी भारी भीड़, 500 से ज्यादा श्रद्धालु घायल

Rath Yatra 2025: घटना भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को खींचते वक्त हुई। यह रथ तीन पारंपरिक और भव्य रथों में से एक है, जिन्हें हर साल सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार खींचा जाता है। पुरी की यह प्रसिद्ध रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र, और बहन देवी सुभद्रा की यात्रा का प्रतीक है। इस दौरान तीनों देवताओं को जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.5 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक रथों में ले जाया जाता है

अपडेटेड Jun 27, 2025 पर 9:39 PM
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Puri Rath Yatra: पुरी रथ यात्रा के 500 से ज्यादा लोग घायल

Puri Rath Yatra 2025 : ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हादसा हो गया। शुक्रवार को रथ खींचने के दौरान भारी भीड़ के कारण 500 श्रद्धालु घायल हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें से कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें कि रथ यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र के रथ को खींचते समय भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे श्रद्धालु घायल हो गए।

भगवान बलभद्र के रथ को खींचते समय हुआ हादसा

बता दें कि यह घटना भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को खींचते वक्त हुई। यह रथ तीन पारंपरिक और भव्य रथों में से एक है, जिन्हें हर साल सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार खींचा जाता है। पुरी की यह प्रसिद्ध रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र, और बहन देवी सुभद्रा की यात्रा का प्रतीक है। इस दौरान तीनों देवताओं को जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.5 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर तक रथों में ले जाया जाता है। यह पर्व हर साल लाखों भक्तों को पुरी की ओर खींच लाता है। प्रशासन और स्वयंसेवी दल घायलों की मदद में लगे हुए हैं।


भक्तों की उमड़ी भारी भीड़

बता दें कि, रथ यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा एक सप्ताह तक गुंडिचा मंदिर में विराजमान रहते हैं और फिर एक भव्य जुलूस के जरिए वापस जगन्नाथ मंदिर लाए जाते हैं। इस बार जब भगवान बलभद्र के तलध्वज रथ को खींचने की बारी आई, तो हजारों श्रद्धालु पवित्र रस्सियों को पकड़ने के लिए दौड़ पड़े, जिससे भीड़भाड़ बढ़ गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस हादसे में सैकड़ों श्रद्धालु घायल हो गए।

आठ लोगों की हालत गंभीर

हालांकि, ज़्यादातर लोगों को मामूली चोटें आईं, लेकिन कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिनमें से कम से कम आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थिति को नियंत्रित रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी पूरे शहर में तैनात किए गए थे। इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 8 कंपनियां भी शामिल थीं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।

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