मध्य प्रदेश के जबलपुर के नर्मदा नदी में डूबे टूरिज्म विभाग की क्रूज बोट में 9 लोगों की जान चली गई। इस हादसा का सबसे दर्दनाक मंजर शुक्रवार सुबह देखने को मिला, जब एक औरत की लाश पानी से निकाली गई, जिसने अपने चार साल के मासूम बच्चे को अपनी छाती से लगाया हुआ था। ये देख घटनास्थल पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं, लेकिन डाइविंग टीम के मेंबर, जिसने ये दोनों लाश निकालीं उन्होंने जो बताया वे और भी ज्यादा दुखदायी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी डाइविंग टीम के एक सदस्य ने उस पल को याद करते हुए बताया कि पानी के अंदर जो उन्होंने देखा, वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि जब उन्हें एक महिला दिखी और उसे बाहर निकालने की कोशिश की, तो वह हिल ही नहीं रही थी। पहले लगा कि शायद वह किसी चीज में फंसी हुई है। लेकिन जब पास जाकर देखा, तो सच्चाई ने सबको अंदर तक झकझोर दिया।
महिला अपने सीने से एक छोटे से बच्चे को कसकर लगाए हुए थी। उसने अपने मासूम बच्चे को इतनी मजबूती से पकड़ रखा था कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी। महिला की पहचान मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान के रूप में हुई।
रेस्क्यू टीम के सदस्य ने कहा कि वह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। एक मां का अपने बच्चे के लिए ऐसा प्यार… जो आखिरी सांस के बाद भी नहीं टूटा- यह तस्वीर हर किसी के दिल में हमेशा के लिए बस गई।
डाइवर ने चल रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि टीम लगातार तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि करीब 30 मिनट के अंदर ही पानी से पांच शव बरामद कर लिए गए। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पानी में और कितने लोग फंसे हुए हैं, लेकिन टीम हर संभव कोशिश कर रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाकी लोगों को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है।
डाइवर ने बताया कि उनकी टीम 411 पैरा फील्ड कंपनी का हिस्सा है, जो एक विशेष डाइविंग यूनिट है और इस मिशन के लिए आगरा से भेजी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना नाम बताने की अनुमति नहीं है, लेकिन उनकी टीम पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ रेस्क्यू और रिकवरी का काम पूरा करने में जुटी हुई है।