Greater Noida Fire: ग्रेटर नोएडा में मंगलवार (4 अगस्त) को एक दर्दनाक हादसे में दो फायरफाइटर्स की मौत हो गई। वह इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने वाली एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनके ऊपर दीवार और लोहे की बीम गिर गई, जिस वजह से उन्हें अपनी जान गवानी पड़ी।
बता दें कि यह घटना, ग्रेटर नोएडा के इकोटेक इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ILJIN इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में घटी। यहां पर मंगलवार तड़के फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को आग लगने की सूचना करीब सुबह 3:10 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम को भी घटनास्थल पर मौके से तैनात किया गया। शुरुआत में आग बुझाने के लिए 4 से 5 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए सुबह तक मौके पर 10 से 12 दमकल गाड़ियां मौजूद थीं। दमकल विभाग की टीमें काफी देर तक आग पर काबू पाने और राहत कार्य में जुटी रहीं।
कंपनी के कर्मचारी ने दी घटना की जानकारी
उस घटना को याद करते हुए, कंपनी के एक कर्मचारी ने कहा, "हम नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। सुबह करीब 3 बजे, हमें बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। इसके तुरंत बाद हमें वहां से बाहर निकाला जाने लगा और हमें लगभग अपना सारा सामान वहीं छोड़ना पड़ा।"
वहीं, जब दमकलकर्मी फैक्ट्री में लगी भीषण आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी अंदर की एक दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक गिर गया। इस हादसे में पांच दमकलकर्मी घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि पांच फायरफाइटर घायल हो गए और उन्हें तुरंत यथार्थ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फायरमैन रोहित यादव और चीफ कॉन्स्टेबल ड्राइवर तीर्थपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, बाकी कर्मचारियों — चीफ कॉन्स्टेबल ड्राइवर राजपाल सिंह और फायरमैन मनीष कुमार व अमित कुमार को ICU में भर्ती कराया गया और बाद में उन्हें खतरे से बाहर बताया गया।
कंस्ट्रक्शन की खराब क्वालिटी घटना की जिम्मेदार
दीवार गिरने पर एक फायरफाइटर ने इसके लिए कंस्ट्रक्शन की खराब क्वालिटी को जिम्मेदार ठहराया।
एक दमकलकर्मी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि फैक्ट्री की छत माइल्ड स्टील (MS) से बनी थी, जिसका इस्तेमाल इन इलाकों में अब ज्यादा देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्टर इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह सस्ता होता है और इसे लगाना आसान होता है। लेकिन यह रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) की तरह आग-रोधी नहीं होता है। इसके अलावा, यह पिघल जाता है, जिससे ऐसे हादसे हो सकते हैं।
आग लगने के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के असली कारणों का अभी पता लगाया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।