'100 बार गिरफ्तार होने को तैयार...'; एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर विवादित बयान पर उदयनिधि स्टालिन का रिएक्शन

Trisha Remark Row: तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को पुलिस द्वारा रिहा किए जाने के बाद आरोप लगाया कि उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ हमें चेन्नई से तंजावुर तक सड़क मार्ग से 400 किलोमीटर ले जाया गया। हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया

अपडेटेड Aug 05, 2026 पर 8:58 AM
Trisha Remark Row: एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर एक विवाद बयान को लेकर DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार किया गया था

Trisha Remark Row: एक्ट्रेस तृषा कृष्णन टिप्पणी विवाद के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद रिहा होने पर तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पर तीखा हमला बोला। स्टालिन ने कहा कि पार्टी समर्थकों पर उनके खिलाफ झूठे आरोप फैलाने का आरोप लगाया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता ने कहा कि अगर किसानों के हक में खड़े होने के लिए उन्हें 100 बार भी गिरफ्तार होना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें गिरफ़्तार किया है। साथ ही, पूर्व डिप्टी सीएम ने प्रशासन को सोफ़ा मॉडल सरकार करार दिया क्योंकि वह किसानों की शिकायतों को दूर करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा, "सोफ़ा_मॉडल सरकार, जो किसानों की मुश्किलों को दूर करने में अक्षम है, उसने असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश में मुझे अरेस्ट किया है।"

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा रिहा किए जाने के बाद आरोप लगाया कि उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा, "तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ हमें चेन्नई से तंजावुर तक सड़क मार्ग से 400 किलोमीटर ले जाया गया। हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।" उदयनिधि को अभिनेता तृषा को लेकर 'द्विअर्थी' टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था।


उन्हें बाद में तंजावुर ले जाया गया, जहां इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। उदयनिधि ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में आरोपों को झूठाबताया। DMK नेता ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर एक ही अर्थ वाला बयान दिया था।

उदयनिधि ने कहा, "मेरे भाषण को काट-छांट कर और कुछ हिस्सों को जोड़कर यह दावा किया गया कि मैंने अनुचित बात कही है। कुछ लोगों ने मुझ पर 'द्विअर्थी' बात करने का आरोप लगाया है। मैंने केवल एक ही अर्थ में बात की थी कि किसानों को पानी की जरूरत है।"

उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं का अपमान करने का मेरा कोई इरादा नहीं है। तमिलनाडु की हर मां और बहन को मैं अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं।" उदयनिधि ने इस बात पर निराशा जताई कि कुछ सहयोगी राजनीतिक नेताओं ने भी उनके पूरे भाषण का संदर्भ जाने बिना उनकी आलोचना की।

'द्विअर्थी टिप्पणी' करने के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कावेरी का पानी जारी करने की मांग करते समय उन्होंने एक ही अर्थ" में बात की थी। उन्होंने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर निशाना साधते हुए उसे 'सर्कस कैंप' करार दिया। उन्होंने कहा कि वह झूठे मामलों से डरने वाले नहीं हैं।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ एक आतंकवादी जैसा व्यवहार किया और उन्हें सड़क मार्ग से तंजावुर ले जाया गया। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए दयनिधि स्टालिन को सेंगीपट्टी में पूछताछ के बाद पुलिस थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस थाने के बाहर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) कार्यकर्ताओं ने उदयनिधि का गर्मजोशी से स्वागत किया।

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