Matthew VanDyke: पूर्वोत्तर में बड़ी सैन्य साजिश को अंजाम दे रहा था अमेरिकी मैथ्यू वैनडाइक! NIA की जांच में बड़ा खुलासा

Matthew VanDyke-NIA: NIA ने जब वैनडाइक के सोशल मीडिया फुटेज और मोबाइल फोन को स्कैन किया, तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। वह विद्रोहियों को 'स्पेशल फोर्सेस' स्टाइल की ट्रेनिंग दे रहा था, जिसमें गुरिल्ला युद्ध, टैक्टिकल ऑपरेशंस और आधुनिक युद्ध तकनीक शामिल हैं

अपडेटेड Mar 19, 2026 पर 8:22 AM
Story continues below Advertisement
वैनडाइक को कोलकाता से जबकि 6 यूक्रेनियों को दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार किया गया

Matthew VanDyke: भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह मामला केवल अवैध घुसपैठ का नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध कौशल जैसे- ड्रोन और गुरिल्ला वॉरफेयर की ट्रेनिंग और भारत विरोधी विद्रोही समूहों से साठगांठ का नजर आ रहा है।

कैसे हुई गिरफ्तारी और क्या हैं आरोप?

NIA ने 13 मार्च को एक बड़ी कार्रवाई में इन सभी को दबोचा था। वैनडाइक को कोलकाता से जबकि 6 यूक्रेनियों को दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि कुल 14 यूक्रेनी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। ये लोग गुवाहाटी से होते हुए बिना जरूरी दस्तावेजों के मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसे और वहां से अवैध रूप से म्यांमार सीमा पार की। NIA का दावा है कि ये लोग भारत विरोधी उग्रवादी समूहों और म्यांमार के सशस्त्र संगठनों के संपर्क में थे। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने वैनडाइक समेत सभी आरोपियों को 27 मार्च तक NIA की हिरासत में भेज दिया है।


कौन है मैथ्यू वैनडाइक?

वैनडाइक खुद को एक सुरक्षा विश्लेषक, वॉर-कॉरेस्पोंडेंट और डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता बताता है, लेकिन उसका इतिहास कुछ और ही कहानी कहता है। 2011 के लीबिया गृहयुद्ध के दौरान वह विद्रोहियों के साथ मिलकर लड़ा था और वहां जेल भी गया था। लीबिया के बाद उसने 'सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल' नामक संगठन बनाया, जो दुनिया भर के संघर्ष क्षेत्रों में स्थानीय सशस्त्र समूहों को सैन्य प्रशिक्षण और सामरिक सलाह देता है। रिपोर्टों के अनुसार, वैनडाइक एक 'मर्सिनरी मिलिट्री इंस्ट्रक्टर' के रूप में काम कर चुका है और इराक जैसे युद्ध क्षेत्रों में अमेरिकी सेना के साथ भी उसके जुड़ाव की खबरें रही हैं।

NIA को क्या मिला?

जांचकर्ताओं ने जब वैनडाइक के सोशल मीडिया फुटेज और मोबाइल फोन को स्कैन किया, तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। वह विद्रोहियों को 'स्पेशल फोर्सेस' स्टाइल की ट्रेनिंग दे रहा था, जिसमें गुरिल्ला युद्ध, टैक्टिकल ऑपरेशंस और आधुनिक युद्ध तकनीक शामिल हैं। सबसे बड़ी चिंता का विषय 'हाई-टेक ड्रोन' का उपयोग है। वैनडाइक इन समूहों को आधुनिक ड्रोन चलाना और युद्ध में उनका इस्तेमाल करना सिखा रहा था। NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों का असली उद्देश्य क्या था और वे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के संवेदनशील इलाकों तक कैसे पहुंचे।

भारत के लिए चिंता का विषय

पूर्वोत्तर भारत हमेशा से सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील रहा है। विदेशी नागरिकों का यहां के विद्रोही समूहों को युद्ध की आधुनिक ट्रेनिंग देना भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। NIA यह भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश के पीछे किसी विदेशी एजेंसी का हाथ है या यह किसी बड़े 'प्राइवेट मिलिट्री नेटवर्क' का हिस्सा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।