तमिलनाडु के पेरंबलुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कुख्यात गैंगस्टर वेल्लाई काली की हत्या करने के इरादे से कुछ आरोपियों ने पुलिस वाहन पर देसी बम फेंक दिया। इस घटना में 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं इस घटना पर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
के. पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य में अपराधियों को न तो सरकार का डर है और न ही पुलिस का। पलानीस्वामी ने एक गंभीर घटना का जिक्र करते हुए बताया कि त्रिची–चेन्नई हाईवे पर बदमाशों ने एक पुलिस वाहन पर देसी बम फेंके। उन्होंने कहा कि जिस समय यह घटना हुई, उसी दौरान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन विधानसभा में सरकार की उपलब्धियों की तारीफ कर रहे थे।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह हमला पेरम्बलूर टोल प्लाजा के पास हुआ। उस समय पुलिस मदुरै से वेल्लाई काली नाम के एक कुख्यात अपराधी को लेकर जा रही थी। यह बदमाश कई आपराधिक मामलों में शामिल बताया गया है और उसे पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने बताया कि आरोपी को सुरक्षा दे रहे चार पुलिसकर्मी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह घटना साफ तौर पर तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की पूरी तरह नाकामी को दिखाती है। पलानीस्वामी के मुताबिक, अपराध इससे साफ हो रहा है कि बदमाशों को न तो पुलिस का डर है और न ही मौजूदा सरकार का।
उन्होंने कहा कि जब राज्य में कानून-व्यवस्था का मजाक उड़ाया जा रहा है, तो यह सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री इस घटना की जिम्मेदारी किस पर डालेंगे।इसके साथ ही पलानीस्वामी ने DMK सरकार पर आरोप लगाया कि वह पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दे रही है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की कड़ी निंदा करते हैं, क्योंकि उनकी सरकार पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोक लगा रही है। BJP ने इस घटना को लेकर DMK सरकार पर कड़ा हमला बोला है। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी इस मामले पर सरकार को घेरा। नागेंद्रन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पेरम्बलूर जिले के तिरुमंडुरई इलाके के पास एक कुख्यात बदमाश को ले जा रही पुलिस टीम पर देसी बम फेंके जाना बेहद चौंकाने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि यह घटना DMK शासन में राज्य की कानून-व्यवस्था की बिगड़ती हालत को साफ दिखाती है।
उन्होंने आगे कहा कि अब न सिर्फ आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही सरकार का “सुशासन” है। नागेंद्रन ने यह भी कहा कि लोग अब ऐसी सरकार को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो सोशल मीडिया पर दिखावा तो करती है, लेकिन आम जनता की सुरक्षा से समझौता करती है।