पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच सोमवार (23 फरवरी) को BJP नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती बर्दवान जिला कार्यालय स्थित प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तृणमूल सरकार और उसकी योजनाओं पर तीखा हमला बोला। मिथुन चक्रवर्ती ने साफ कहा कि फिलहाल सत्ता पूरी तरह पुलिस और प्रशासन के हाथ में है। उन्होंने कहा, "मैं आज एक बेबस इंसान की तरह खड़ा हूं। अगर पुलिस को एक बार न्यूट्रल रहने को कह दिया जाए, तो असली तस्वीर सामने आ जाएगी।" उनके मुताबिक बंगाल में डर का माहौल बनाया गया है, जिसकी वजह से आम लोग खुलकर बोल नहीं पा रहे।
युवाओं और महिलाओं को मिलने वाली सरकारी मदद पर भी मिथुन ने सवाल उठाए। उन्होंने 'युवासाथी' और 'लक्ष्मी' भंडार’ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ 1500 रुपये देने से युवाओं का भविष्य नहीं सुधर सकता। उन्होंने दावा किया कि अगर BJP सत्ता में आई, तो महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये दिए जाएंगे। मिथुन बोले, "अगर हम सरकार में आए, तो हम 3000 देंगे, हम 1500 क्यों दें?"
इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं से भी अपील की कि वे एकजुट होकर बदलाव के लिए आगे आएं। उनका कहना था कि इस बार महिलाओं का वोट बेहद अहम भूमिका निभाने वाला है। मिथुन ने दावा किया कि BJP की सभाओं में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हो रही हैं, जो साफ संकेत है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
कालीगंज समेत कई इलाकों में हाल की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि कुछ जगहों पर जानबूझकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे संवेदनशील मामलों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते।
वहीं, प्रधानमंत्री के हालिया पत्र का जिक्र करते हुए मिथुन ने कहा कि देश का भविष्य आने वाली पीढ़ी के फैसलों पर निर्भर करता है। उन्होंने 'सोनार बंगला' के सपने को दोहराते हुए कहा कि अगर BJP को मौका मिला, तो बंगाल में विकास, उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज बंगाल में युवाओं के पास नौकरी नहीं है, फैक्ट्रियां नहीं हैं और प्रोजेक्ट्स ठप पड़े हैं। इसी वजह से पढ़े-लिखे युवा 1500 रुपये पाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। मिथुन ने इसे शर्मनाक स्थिति बताया और कहा कि यह साफ दिखाता है कि राज्य में रोजगार के अवसर कितने कम हो गए हैं।
मिथुन चक्रवर्ती ने भरोसा जताया कि इस बार चुनाव में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, 'BJP सिर्फ एक पार्टी नहीं, एक अनुशासित सिस्टम है। अगर हम सत्ता में आए, तो बंगाल में असली परिवर्तन दिखेगा।' राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के बयान और वादे तेज होंगे। साफ है कि आने वाले दिनों में युवाओं, महिलाओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे बंगाल चुनाव की सबसे बड़ी बहस बनने वाले हैं।