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रेलवे नेटवर्क से जुड़ा मिजोरम, 51.38 किमी बैराबी-सैरांग रेल लाइन का काम पूरा

आजादी के 78 साल बाद मिजोरम के आइजोल शहर में ट्रेन की गूंज सुनाई दे रही है। 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है और ट्रायल रन भी सफल रहा है। इस परियोजना में 48 सुरंगें, 142 पुल और कुतुब मीनार से भी ऊंचा ब्रिज नंबर 144 शामिल है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 14, 2025 पर 7:23 PM
रेलवे नेटवर्क से जुड़ा मिजोरम, 51.38 किमी बैराबी-सैरांग रेल लाइन का काम पूरा
बैराबी से सैरांग के बीच बनी नई रेल लाइन से मिजोरम का चौतरफा विकास होगा। देश के बाकी हिस्सों से मिजोरम को रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही मिजोरम का आर्थिक विकास होगा

उत्तर पूर्वी राज्य मिजोरम रेलवे के मैप पर आ गया है। मिजोरम में ट्रेन ने दस्तक दे दी है। जल्द ही आप राजधानी जैसी ट्रेन से दिल्ली से सीधे मिजोरम की राजधानी आइजोल का सफर कर पाएंगे। मिजोरम का रेलवे नेटवर्क से जुड़ना किसी वरदान से कम नहीं है। आजादी के 78 साल बाद मिजोरम के आइजोल शहर में ट्रेन की गूंज सुनाई दे रही है। 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है और ट्रायल रन भी सफल रहा है। इस परियोजना में 48 सुरंगें, 142 पुल और कुतुब मीनार से भी ऊंचा ब्रिज नंबर 144 शामिल है। ये इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना है।

बैराबी से सैरांग के बीच बनी नई रेल लाइन से मिजोरम का चौतरफा विकास होगा। देश के बाकी हिस्सों से मिजोरम को रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही मिजोरम का आर्थिक विकास होगा।

इस रेल प्रोजेक्ट की नींव साल 1999 में रखी गई थी। पहली बार इसका सर्वे करना भी मुमकिन नहीं था क्योंकि घने जंगलों, खराब विजिबिलिटी और दुर्गम इलाकों के कारण प्रारंभिक इंजीनियरिंग सर्वे (PET Survey) मुमकिन नहीं हो सका। बाद में इसे Reconnaissance Survey के रूप में बदलकर 2003 में हरी झंडी मिली।

CPRO के.के. शर्मा ने बताया कि बैराबी से आइजोल की जो दूरी पहले 5–6 घंटे में तय होती थी, अब रेल से 1 से 1.5 घंटे में पूरी होगी। इससे यह सफर सुरक्षित बनेगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए व्यापारियों और छात्रों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगा।

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