तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। CM विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली। वहीं सीएम विजय की कैबिनेट में एस. कीर्तना सबसे युवा मंत्री बन गई हैं। 29 साल की उम्र में एस. कीर्तना मुख्यमंत्री विजय की पहली कैबिनेट के सबसे युवा चेहरों में शामिल हो गई हैं। पहली बार विधायक बनीं कीर्तना पहले राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में काम कर चुकी हैं और अब विजय सरकार की सबसे युवा मंत्री बन गई हैं।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में एस. कीर्तना ने एक नया इतिहास रच दिया था । वह विरुधुनगर जिले की शिवकाशी सीट से जीतने वाली पहली महिला विधायक बनीं। इस जीत के साथ उन्होंने इस क्षेत्र में कई सालों से चले आ रहे पुरुष नेताओं के दबदबे को खत्म किया। कीर्तना ने कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11,670 वोटों के अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। शिवकाशी पूरे भारत में पटाखा, माचिस और प्रिंटिंग उद्योग के लिए मशहूर है। लेकिन यह इलाका लंबे समय से औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान एस. कीर्तना ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि पटाखा उद्योग पर निर्भर इस क्षेत्र में आपातकालीन सेवाएं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
चुनाव में इन मुद्दों को उठाया
एस. कीर्तना ने यहां काम करने वाले मजदूरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया। इसमें श्रमिकों के लिए बीमा सुविधा, नियमित स्वास्थ्य जांच, महिला कर्मचारियों को समान वेतन और खतरनाक रसायनों के संपर्क में आने वाले लोगों के लिए बेहतर इलाज की व्यवस्था शामिल है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इस इलाके के सरकारी अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं और जरूरी मेडिकल ढांचे की कमी है, जिससे मजदूरों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता।
विजय कैबिनेट में सबसे युवा मंत्री
एस. कीर्तना का जन्म साल 1996 में तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई तमिल माध्यम के एक सरकारी स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने गणित और सांख्यिकी विषय में उच्च शिक्षा हासिल की। कीर्तना ने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से जुड़े एक कॉलेज से गणित में बीएससी की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने साल 2019 में पांडिचेरी विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में एमएससी की डिग्री प्राप्त की। राजनीति में आने से पहले कीर्तना राजनीतिक सलाहकार और चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। वह ‘शोटाइम कंसल्टिंग’ और ‘आईपैक’ जैसी संस्थाओं से जुड़ी रहीं। इस दौरान उन्होंने टीडीपी, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों के चुनाव अभियानों पर भी काम किया। पिछले कुछ वर्षों में वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने, चुनाव क्षेत्र की योजना बनाने और डिजिटल चुनाव प्रचार संभालने जैसे कामों में सक्रिय रही हैं।
टीवीके में निभाई थी अहम भूमिका
एस. कीर्तना के बारे में पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्होंने ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) को खड़ा करने में पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाई थी। खास तौर पर युवाओं को जोड़ने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पार्टी का संदेश पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान रहा। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कीर्तना पहली बार बड़े स्तर पर लोगों की नजर में आईं। उस समय टीवीके ने उन्हें अपने युवा और पढ़े-लिखे उम्मीदवारों में से एक के रूप में पेश किया था।
चुनाव जीतने के बाद कीर्तना फिर चर्चा में आ गईं, जब उन्होंने लोगों से बातचीत के दौरान हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सी. जोसेफ विजय का संदेश पहुंचाना और पार्टी की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना था। उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु में नई बहस शुरू हो गई। राज्य में हिंदी भाषा हमेशा से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रही है। हिंदी थोपे जाने के विरोध को लंबे समय से द्रविड़ राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता रहा है।