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Monsoon & El Nino update: अल नीनो बिगाड़ेगा मानसून का गणित, धान और मक्के को लेकर चिंता में डालने वाली रिपोर्ट आई

Monsoon & El Nino update: कृषि सूखे की इस आशंका के बीच भारतीय किसानों को लागत के मोर्चे पर भी झटका लग रहा है। FAO ने नोट किया है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और जहाजों की आवाजाही में रुकावट के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और उर्वरक की लागत लगातार बढ़ रही है। खरीफ फसलों की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में ईंधन और खाद का महंगा होना किसानों की जेब पर भारी बोझ डाल रहा है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jun 16, 2026 पर 7:04 AM
Monsoon & El Nino update: अल नीनो बिगाड़ेगा मानसून का गणित, धान और मक्के को लेकर चिंता में डालने वाली रिपोर्ट आई
भारत में खरीफ फसलों की बुवाई के ठीक बीच UN ने एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट जारी की है।

भारत में खरीफ फसलों की बुवाई के ठीक बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट जारी की है। एफएओ ने सोमवार को आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दुनिया में अल नीनो (El Nino) का नया दौर शुरू हो चुका है। ये भारत के समर मानसून (दक्षिण-पश्चिम मानसून) के गणित को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। इस वेदर फिनोमिना की वजह से देश में धान और मक्के जैसी मुख्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर गहरा संकट मंडरा रहा है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भारत में सामान्य से अधिक मजबूत मानसून चक्र की भविष्यवाणी की थी लेकिन अल नीनो की इस नई दस्तक ने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

धान और मक्के की फसल पर सबसे बड़ा खतरा

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक FAO ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी रिपोर्ट में साफ कहा है कि अल नीनो का प्रभाव भारत के एक बड़े हिस्से में मानसून की मानसूनी हवाओं को कमजोर कर सकता है। इसके चलते पूरी तरह से बारिश पर आधारित फसलों, विशेष रूप से धान और मक्के को उनके सबसे महत्वपूर्ण ग्रोइंग सीजन के दौरान भारी पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा। एशिया में इस सूखे का जोखिम केवल खेतों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसका सीधा असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स पर भी देखने को मिलेगा।

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