Monsoon Updates: आज पश्चिम बंगाल में हो गई मानसून की एंट्री, बिहार आने में अब सिर्फ इतना वक्त, IMD ने भयानक बारिश का रेड अलर्ट दिया
Monsoon Rain Updates: सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि समुद्री इलाकों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। अरब सागर के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मानसून और आगे बढ़ेगा। इसी तरह, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम भागों में भी मानसून की गतिविधियां तेज होंगी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर-पूर्व भारत के बचे हुए हिस्सों, पूरे सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में आगे कदम रख दिया है। सरल भाषा में कहें तो — बारिश के इस मौसम ने पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों को अपने आगोश में ले लिया है। आने वाले 4 से 5 दिनों में देश के कई और प्रमुख राज्यों में भी मानसून की दस्तक होने वाली है।
मानसून आज कहां-कहां पहुंचा?
आज 9 जून को मानसून की उत्तरी सीमा इन प्रमुख शहरों और जगहों से होकर गुजर रही है:
हरनाई (महाराष्ट्र)
नंद्याल (आंध्र प्रदेश)
पूरा सिक्किम
सोलापुर
चेन्नई (पूरा)
पूर्वोत्तर राज्य (सम्पूर्ण)
कलबुर्गी (कर्नाटक)
सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल
यानी इस समय मानसून महाराष्ट्र के मध्य भाग से शुरू होकर तेलंगाना-आंध्र की सीमा के करीब से गुजरते हुए बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक फैल गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से अभी भी मानसून के इंतजार में हैं।
अगले 4-5 दिनों में किन राज्यों में आएगा मानसून?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि मौसम संबंधी परिस्थितियां अनुकूल हैं और आने वाले 4-5 दिनों में इन राज्यों में मानसून के पहुंचने की पूरी संभावना है:
महाराष्ट्र के और ज्यादा भाग
आंध्र प्रदेश
छत्तीसगढ़
बिहार के कुछ हिस्से
कर्नाटक
तमिलनाडु के बाकी भाग
ओडिशा
अरब सागर का मध्य भाग
तेलंगाना
पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्से
झारखंड
बंगाल की खाड़ी (दक्षिण-पश्चिम)
समुद्री इलाकों में भी बढ़ेगी मानसून की ताकत
सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि समुद्री इलाकों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। अरब सागर के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मानसून और आगे बढ़ेगा। इसी तरह, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम भागों में भी मानसून की गतिविधियां तेज होंगी।
इसका सीधा असर तटीय राज्यों- जैसे गोवा, कोंकण (महाराष्ट्र का तटीय इलाका), केरल और तटीय आंध्र प्रदेश- में होने वाली बारिश पर पड़ेगा। इन इलाकों में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है।
नक्शे से समझें- इस बार मानसून कैसा है?
IMD के आधिकारिक मानसून मानचित्र (Advance of Southwest Monsoon 2026) में दो तरह की रेखाएं होती हैं:
लाल रेखाएं- सामान्य (Normal) तारीखें दर्शाती हैं, यानी पिछले कई सालों का औसत।
नीली रेखाएं- वास्तविक (Actual) तारीखें दर्शाती हैं, यानी इस साल 2026 में मानसून वास्तव में कहां पहुंचा।
इस साल नीली रेखा लगभग लाल रेखा के साथ-साथ चल रही है, यानी 2026 में मानसून करीब-करीब अपने सामान्य समय पर है। न बहुत जल्दी, न बहुत देर से। यह किसानों और आम जनता के लिए एक अच्छी खबर है।
मानसून 2026 की प्रमुख तारीखें — एक नजर में
घटना
सामान्य तारीख
2026 की वास्तविक तारीख
केरल में मानसून का आगमन
1 जून
22 मई
आज की स्थिति (9 जून)
5-10 जून
9 जून
दिल्ली-NCR में मानसून
29 जून
फिलहाल इंतजार
दिल्ली-NCR और गुरुग्राम के लोगों के लिए खास जानकारी
अगर आप दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा या आस-पास के इलाकों में रहते हैं, तो आपके लिए जरूरी जानकारी यह है कि मानसून आपके यहां पहुंचने में अभी करीब 20 दिन का समय है। दिल्ली-NCR में मानसून सामान्यतः 29-30 जून के आस-पास आता है।
तब तक गर्मी और लू (Heat Wave) से सावधान रहें। हालांकि प्री-मानसून गतिविधियों (Pre-Monsoon Activity) के कारण कभी-कभी आंधी और हल्की बारिश की बौछारें आ सकती हैं, जो कुछ राहत दे सकती हैं।
सुझाव: घर से निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें, दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें और बुज़ुर्गों व बच्चों का खास ख्याल रखें।