मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में पुलिस के सामने एक ऐसी लाश थी, जिसकी शिनाख्त करना नामुमकिन लग रहा था। कातिलों ने इसे एक 'परफेक्ट मर्डर' मान लिया था, लेकिन वे भूल गए कि गुनाह चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, पीछे कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है। इस मामले में अहम सुराग बनी एक 10 साल के बच्चे की 'रफ कॉपी' और उसका 'होमवर्क'।
7 मई को भोपाल-जबलपुर हाईवे पर सिरवारा पुल के नीचे एक बोरी मिली। जब पुलिस ने उसे खोला, तो अंदर का मंजर खौफनाक था। एक शख्स की लाश बोरी में ठंसी हुई थी- हाथ-पैर बंधे थे और मुंह पर टेप चिपकी थी। लाश इतनी सड़ चुकी थी कि चेहरा पहचानना मुश्किल था। जेब में न फोन था, न बटुआ और न ही कोई पहचान पत्र। पुलिस समझ गई कि मर्डर कहीं और हुआ है और पहचान मिटाने के लिए लाश को हाईवे पर फेंका गया है।
सुराग: किराने की रसीद और एक पुरानी कॉपी
मौके से पुलिस को बस दो चीजें मिलीं: नरसिंहपुर के साईंखेड़ा की एक किराने की दुकान की रसीद और एक बच्चे की 'रफ कॉपी'। इस कॉपी में गणित के सवाल, हिंदी के नोट्स और किसी टीचर के जल्दबाजी में किए गए साइन थे।
रायसेन SP आशुतोष गुप्ता को शक हुआ कि यह कोई साधारण स्कूल की कॉपी नहीं है। इसमें अलग-अलग विषय बेतरतीब तरीके से लिखे थे, जो इशारा कर रहे थे कि इसे प्राइवेट ट्यूशन के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
'ऑपरेशन रफ बुक': घर-घर पहुंची पुलिस
पुलिस ने उस कॉपी के पन्नों की फोटोकॉपी कराई और साईंखेड़ा के हर स्कूल, ट्यूशन सेंटर और दुकान पर पहुंच गई। सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप्स पर कॉपी के पन्ने वायरल किए गए। कई दिनों की खाक छानने के बाद एक प्राइवेट ट्यूटर ने उन हस्ताक्षरों को पहचान लिया- वे साइन उसी के थे।
जब पुलिस उस बच्चे के घर पहुंची, तो वहां ताला लटका था। परिवार गायब था। यहीं से पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
उज्जैन से गिरफ्तारी और खौफनाक खुलासा
मुखबिरों की मदद से पुलिस ने उस परिवार का पीछा किया और आखिरकार उन्हें उज्जैन से धर दबोचा। पुलिस के सामने आरोपी पहले तो अनजान बनते रहे, लेकिन जब पुलिस ने बताया कि उस 'रफ कॉपी' पर खून के धब्बे मिले हैं, तो उनके हौसले पस्त हो गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
कत्ल की वजह: खूनी इश्क का ट्रायंगल
जांच में पता चला कि मृतक राजस्थान का रहने वाला पप्पू उर्फ वीर जाट था। कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर जैसी निकली। यह मामला एक लव ट्रायंगल का था। मुख्य आरोपी महिला का पप्पू के साथ अफेयर था।
महिला ने अपने पुराने प्रेमी (अरुण पटेल) और एक अन्य साथी (हरनाम सिंह) के साथ मिलकर अपने नए प्रेमी (पप्पू) की हत्या की साजिश रची।
हत्या के दौरान उसी घर में मौजूद बच्चे की रफ कॉपी पर गलती से खून गिर गया और अनजाने में वह कॉपी भी लाश वाली बोरी में चली गई। ये बच्चा आरोपी महिला का ही था।