पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से ऊर्जा और ईंधन की सप्लाई में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इसे देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि अब सरकारी काम से हवाई यात्रा यानी विमान का इस्तेमाल करने से पहले उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से मंजूरी लेनी होगी।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों और सरकारों से फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन (Fuel) की बचत करने को कहा था।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति कोई भी मंत्री विमान का इस्तेमाल नहीं करेगा।
उन्होंने अपनी कार्यशैली का उदाहरण देते हुए कहा, "वे खुद ज्यादातर सरकारी मीटिंग्स ऑनलाइन (वर्चुअल) ही करते हैं। वे जिला अधिकारियों (कलेक्टरों) को बिना वजह मुंबई नहीं बुलाते, ताकि उनका समय और संसाधन बच सकें। राज्य के मंत्री बहुत ही जरूरी या इमरजेंसी की स्थिति में ही विमान का इस्तेमाल करते हैं।"
बावनकुले ने कहा, "अगर आप पिछले एक साल का मेरा शेड्यूल देखें, तो मैंने सिर्फ चार-पांच बार ही यात्रा की है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की व्यस्तता अलग बात है, लेकिन बाकी मंत्री हवाई यात्रा से बच रहे हैं।"
प्रोटोकॉल के नाम पर अधिकारियों को परेशान न करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों से कहा गया है कि वे कलेक्टर या कमिश्नर को बार-बार अपने दफ्तर न बुलाएं। जो काम सोलापुर या नागपुर में बैठकर ऑनलाइन मीटिंग से हो सकता है, उसे वैसे ही निपटाया जाए।
PM मोदी की देशवासियों से अपील
पश्चिम एशिया के संकट से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ उपाय सुझाए हैं:
सरकार का मकसद इन छोटे-छोटे कदमों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और युद्ध के असर से आम जनता को बचाना है।