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Mumbai Rain Alert: आसमानी आफत से थमी मुंबई! खिड़की तोड़कर निकाले गए मोनोरेल के यात्री, रेड अलर्ट जारी

मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में दो दिन से लगातार तेज बारिश हो रही है। मुंबई के कई इलाकों में मंगलवार को बाढ़ जैसे हालात रहे। जगह-जगह पानी भर गया। रेल, बस, हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 19, 2025 पर 10:40 PM
Mumbai Rain Alert: आसमानी आफत से थमी मुंबई! खिड़की तोड़कर निकाले गए मोनोरेल के यात्री, रेड अलर्ट जारी
Mumbai Rains Alert: मुंबई के कई इलाकों में मंगलवार को बाढ़ जैसे हालात रहे।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बीते 48 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। भारी बारिश की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, मुंबई और आसपास के इलाकों में जारी भारी बारिश के कारण सड़के जलमग्न हैं और रेल पटरियां पानी में तैरती नजर आ रही हैं। करीब 300 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार दूसरे दिन हुई तेज़ बारिश से सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। जलभराव से यात्री और वाहन फँसे रहे, वहीं मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनें भी पटरी पर पानी भरने से ठप हो गईं।

अटकी लोगों की सांसे

मुंबई में हो रही भारी बारिश का असर मोनोरेल सर्विस पर भी पड़ा। मैसूर कॉलोनी रेलवे स्टेशन के पास शाम 6 बजे एक मोनोरेल एलिवेटेड ट्रैक पर अटक गई। अंदर मौजूद करीब 500 यात्रियों को विंडो तोड़कर क्रेन की मदद से निकाला गया। 442 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया। इनमें से एक को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके अलावा लगभग 200 यात्रियों को वडाला स्टेशन वापस लाया गया है। MMRDA ने बताया कि भीड़ बढ़ने की वजह से ऐसा हुआ।

मीठी नदी में आई बाढ़

मीठी नदी का पानी बढ़ने के कारण 400 से 500 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, एनडीआरएफ ने पवई के फिल्टरपाड़ा इलाके में नदी में बह रहे एक व्यक्ति की जान बचाई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो, जो शायद पवई झील के पास पुल से लिया गया है, में नदी का तेज़ बहाव साफ दिख रहा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि बारिश का पानी निकालने के लिए 525 पंप, 10 छोटे पंपिंग स्टेशन और छह बड़े पंपिंग स्टेशन लगातार काम कर रहे हैं।

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