Mumbai Mayor: 28 जनवरी को हो सकता है मुंबई के नए महापौर का चुनाव, बीजेपी या शिंदे सेना किसका चलेगा सिक्का?

Mumbai Mayoral election: पिछले 25 वर्षों से बीएमसी पर राज करने वाली अविभाजित शिवसेना का वर्चस्व भाजपा और शिंदे गुट ने तोड़ दिया है। हालांकि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने वर्ली, माहिम और विक्रोली जैसे अपने गढ़ बचाए रखे है

अपडेटेड Jan 18, 2026 पर 3:22 PM
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227 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 114 है। महायुति गठबंधन ने इस जादुई आंकड़े को पार कर लिया है

Mumbai Mayor Election: देश की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके है। नतीजों में भारतीय जनता पार्टी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। लगभग तीन साल के प्रशासक शासन के बाद, अब मुंबई को अपना नया महापौर मिलने वाला है। चर्चा है कि महापौर पद के लिए चुनाव 28 जनवरी को हो सकता है। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके ठीक बाद 4 फरवरी को निर्वाचित सदन द्वारा पिछले तीन वर्षों का पहला नागरिक बजट पेश किया जाएगा।

BMC चुनाव 2026 के ये है नतीजे

227 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 114 है। महायुति गठबंधन ने इस जादुई आंकड़े को पार कर लिया है।


भाजपा: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)

शिवसेना (UBT): 65 सीटें (प्रमुख विपक्षी दल)

शिवसेना (एकनाथ शिंदे): 29 सीटें

कांग्रेस: 24 सीटें

अन्य: MNS (6), AIMIM (8), NCP (3), सपा (2) और NCP-SP (1)

महापौर चुनाव की प्रक्रिया और आरक्षण

अगले सप्ताह से महापौर चुनने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शहरी विकास विभाग (UDD) अगले सप्ताह लॉटरी के जरिए तय करेगा कि महापौर का पद किस श्रेणी (सामान्य, महिला या आरक्षित) के लिए होगा। मार्च 2023 के संशोधन के बाद, इस बार 10 नामांकित पार्षद भी वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को इन नामांकित सदस्यों का बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है, जो महापौर चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है। श्रेणी घोषित होने के बाद पात्र पार्षद नामांकन दाखिल करेंगे और विशेष बैठक में हाथ उठाकर या गुप्त मतदान के जरिए महापौर और उप-महापौर का चुनाव किया जाएगा।

मुंबई का बदलता सियासी मिजाज

BMC के इन नतीजों ने मुंबई की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए है। पिछले 25 वर्षों से बीएमसी पर राज करने वाली अविभाजित शिवसेना का वर्चस्व भाजपा और शिंदे गुट ने तोड़ दिया है। हालांकि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने वर्ली, माहिम और विक्रोली जैसे अपने गढ़ बचाए रखे हैं। बता दें कि इस बार मुंबई में 52.94% मतदान दर्ज किया गया, जो 2017 (55.59%) की तुलना में थोड़ा कम है।

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