President Murmu-Mamata Row: 'BJP के इशारे पर बोल रही हैं'; ममता बनर्जी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर पलटवार, जानें- क्या है पूरा विवाद
President Murmu Vs Mamata Banerjee Row: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 9वें इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस के लिए शनिवार (7 मार्च) को पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान 'प्रोटोकॉल ब्रीच' को लेकर वाकयुद्ध शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही दूसरे मंत्री उन्हें रिसीव करने के लिए वहां मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति के साथ इस तरह का व्यवहार कर सारी हदें पार कर दी हैं
President Murmu-Mamata Row Escalates: ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति बंगाल चुनावों से पहले बीजेपी के इशारे पर बोल रही हैं
Murmu-Mamata Row Escalates: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासियों के विकास की गति पर सवाल उठाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर निशाना साधा है। ममता ने उन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारों पर विधानसभा चुनाव से पहले टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उत्तर बंगाल की यात्रा के दौरान मुर्मू द्वारा की गई टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कोलकाता में एक धरना स्थल पर कहा, "BJP इतना नीचे गिर गई है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल राज्य को बदनाम करने के लिए कर रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में उन्हें दी गई जानकारी गलत थी।
बनर्जी ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसे कार्यक्रमों में हमेशा शामिल होना उनके लिए संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि राज्य सरकार ने मुर्मू के कार्यक्रम में प्रतिनिधि नहीं भेजे थे और दावा किया कि राष्ट्रपति को दी गई जानकारी गलत थी।
शाम को X पर एक पोस्ट में ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय को जिला अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया था कि आयोजक ठीक तरीके से तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति सचिवालय की टीम ने पांच मार्च को दौरा किया था, उन्हें व्यवस्थाओं की कमी से अवगत कराया गया था, फिर भी कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब उस कार्यक्रम में मौजूद थे, जो बंगाल सरकार द्वारा आयोजित नहीं किया गया था। ममता ने कहा, "अगर आप साल में एक बार आती हैं तो मैं आपका स्वागत कर सकती हूं, लेकिन अगर आप चुनाव के दौरान आती हैं, तो मेरे लिए आपके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा, क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं।"
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासियों की एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी को अपनी 'छोटी बहन' बताया। राष्ट्रपति ने हैरानी जताई कि क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री किसी बात को लेकर नाराज हैं, क्योंकि उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री आईं और न ही कोई अन्य मंत्री मौजूद था।
मुर्मू ने आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल को बिधाननगर से गोशाईपुर स्थानांतरित किए जाने पर भी सवाल उठाया, जहां कथित तौर पर उपस्थिति कम रही। बनर्जी ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और SIR में कथित अनियमितताओं को दूर करना अभी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "मैं लोगों के अधिकारों और एसआईआर पर काम कर रही हूं, ये मेरी प्राथमिकताएं हैं।"
मुख्यमंत्री ने BJP शासित राज्यों में आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "क्या आपको (राष्ट्रपति मुर्मू) पता है कि भाजपा अपने शासन वाले राज्यों में आदिवासियों के अधिकारों को कैसे छीन रही है?"
मणिपुर में हुई जातीय हिंसा का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि BJP शासित राज्यों में आदिवासियों के साथ कैसा व्यवहार किया गया, इस पर सवाल उठाए जाने चाहिए। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, "राष्ट्रपति मुर्मू आदिवासियों की बात कर रही हैं, लेकिन जब मणिपुर और भाजपा शासित अन्य राज्यों में आदिवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा था, तब आप चुप क्यों थीं?"
पीएम मोदी ने बोला हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रदेश के दौरे के दौरान उनका अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सचमुच सभी हदें पार कर दी हैं।
मुर्मू द्वारा राज्य में आयोजित संथाल सम्मेलन के स्थल में परिवर्तन और उनकी यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने प्रतिक्रिया दी।
PM मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है। इसकी गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में समझदारी आएगी।
PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, "यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तीकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति निराश है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं एक आदिवासी समुदाय से आती हैं। उनके द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा एवं व्यथा ने भारत की जनता के मन में अपार दुख उत्पन्न किया है।
उन्होने कहा, "पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।" PM मोदी ने कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को इतनी लापरवाही से ले रही है।