वक्फ (संशोधन) कानून को लेकर राज्य भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को लोगों से शांति बनाए रखने और धर्म के नाम पर किसी भी तरह के गलत व्यवहार से बचने की अपील की। यह घटना शुक्रवार को बंगाल के कई हिस्सों, खासकर मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद हुई है, जहां प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में आग लगा दी, सुरक्षा बलों के साथ झड़प की, सड़क और रेल यातायात को बाधित किया और कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मुर्शिदाबाद जिले में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में तीन लोग मारे गए और 138 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने व्यवस्था बहाल करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया।
जस्टिस सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली बेंच ने सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करने के लिए मुर्शिदाबाद के प्रभावित इलाकों में CAPF की तैनाती का आदेश दिया। केंद्रीय बल राज्य प्रशासन के साथ समन्वय में काम करेंगे।
हाई कोर्ट ने सभी नागरिकों के लिए शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा, “ऐसी स्थिति आने पर अदालत अपनी आंखें बंद नहीं रख सकती।” कोर्ट ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों से स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
अदालत ने राज्य सरकार और केंद्र दोनों को स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
वहीं ममता बनर्जी ने एक एक्स पोस्ट में कहा, "हर इंसान की जान कीमती है, राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
बनर्जी ने कहा कि जनांदोलन का कारण बनने वाला कानून केंद्र सरकार की ओर से बनाया गया है न की उनकी सरकार ने, इसलिए इस संबंध में कोई भी जवाब केंद्र को दिया जाना चाहिए।
बनर्जी ने कहा, "साथ ही, याद रखें, हम दंगे भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते हैं।" इस हफ्ते पूरे राज्य में वक्फ विरोध प्रदर्शन से जुड़ी बर्बरता की खबरें सामने आई हैं।
‘बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं किया जाएगा’
ममता बनर्जी ने संशोधित वक्फ अधिनियम पर अपनी स्थिति की पुष्टि की, जिसे दो दिनों की गहन बहस के बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही इस कानून का विरोध करके और यह आश्वासन देकर अपना रुख साफ कर दिया है कि इसे पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया, "तो फिर दंगा किस बात को लेकर है?"
उन्होंने कहा, "कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं। मेरा मानना है कि धर्म का मतलब मानवता, सद्भावना, सभ्यता और सद्भाव है। मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती हूं।"