उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद अब झारखंड में भी ज्वेलरी वाले दुकानदार बुर्का, हिजाब, नकाब, घूंघट, हेलमेट या फिर मास्क पहनकर आने वाले ग्राहकों को गहने नहीं बेचेंगे। अगर गहने देखने या खरीदने हैं तो पहले महिलाओं को चेहरे से नकाब, बुर्का और घूंघट हटाना होगा। इससे पहले हाल ही में ऑल इंडिया ज्वेलरी एंड गोल्ड फेडरेशन के बिहार और उत्तर प्रदेश यूनिट ने ऐसा ही एक निर्देश जारी किया था। इसके मुताबिक राज्य में किसी भी ज्वेलरी दुकान में बुर्का, हिजाब, हेलमेट और चेहरे को ढ़क कर जाने पर रोक लगा दी गई है।
यूपी-बिहार के बाद अब झारखंड में भी ऐसा ही फैसला पुलिस मुख्यालय के आदेश पर लागू किया जा रहा है। 'जी न्यूज' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में ज्वेलरी दुकानों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इन आदेशों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की भी बात कही गई है। इस फैसले के बाद झारखंड के किसी भी ज्वेलरी दुकान में अब यदि आप चेहरे पर नकाब या हिजाब पहन कर जाते हैं, तो आप को संदिग्ध मानकर आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बोकारो के तनिष्क ज्वेलरी स्टोर पर 12 जनवरी की शाम मास्क पहने हुए बदमाशों ने लूट की नाकाम कोशिश की थी। इसके बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से ये आदेश जारी किया गया। तनिष्क शोरूम में लूट की असफल कोशिश के बाद धनबाद के बाघमारा थाने में औचक निरीक्षण करने पहुंचे DIG आनंद प्रकाश ने इसकी जानकारी दी।
इस घटना के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय से एक सर्कुलर आया। इसमें ये कहा गया है कि झारखंड में जितने भी ज्वेलरी दुकाने हैं, अब उसके भीतर कोई भी पुरुष मास्क, नकाब या कोई औरत हिजाब पहन कर एंट्री नही कर सकती है। ग्राहकों का चेहरा किसी भी तरह से ढका हुआ नही होना चाहिए। यदि कोई नकाब या हिजाब पहन कर ज्वेलरी दुकान में एंट्री करता है तो उसे संदिग्ध मान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
काशी में स्पेशल आदेश जारी
वाराणसी में चोरी, लूट और ठगी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने बुर्का, हिजाब, घू्ंघट और हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों को आभूषण नहीं बेचने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष कमल सिंह ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि चेहरा ढककर आए ग्राहकों को हम आभूषण नहीं बेचेंगे क्योंकि नकाबपोश व्यक्ति यदि कोई वारदात करता है तो उसकी पहचान नहीं हो पाती। सिंह ने कहा, "हमने अपनी दुकानों के आगे पोस्टर लगाए हैं जिन पर लिखा है मास्क, बुर्का, हेलमेट और नकाब पहनकर दुकान में आना मना है।"
उन्होंने कहा कि दुकानदारों की चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। ग्राहक चेहरा दिखाकर खरीदारी कर सकते हैं, जिससे हम सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि झांसी समेत प्रदेश के कई जिलों में स्वर्णकारों की दुकानों के आगे इस तरह के पोस्टर लगे हैं।
सेठ ने कहा कि वाराणसी में आभूषण की हजारों दुकान हैं। सभी को नकाबपोश, बुर्का पहनकर आने वालों से है। उन्होंने कहा कि दुकानदार किसी व्यक्ति के धर्म का विरोध नहीं कर रहे बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहे हैं। सेठ ने कहा कि मुस्लिम ग्राहक बुर्का पहनकर आएं। लेकिन दुकान पर नकाब हटा दें, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके।
लोहता थाना क्षेत्र के आभूषण व्यवसायी शाहिद ने कहा कि बुर्का पहन कर दुकान में आने से मना करना गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह से मना करने पर ग्राहक नहीं आएंगे। बुर्का पहनने वाली महिला को नकाब हटाने के लिए कहना गलत और अपमानजनक बात होगी। वहीं, शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने इस मामले पर कहा कि यह कोई गलत काम नहीं है। सिंह ने कहा कि सब को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, इसमें कोई गलत बात नहीं है।