Sergio Gor-President Murmu: अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, सर्जियो गोर ने अपने क्रेडेंशियल्स सौंपे

Sergio Gor-President Murmu: अमेरिकी सीनेट ने पिछले साल अक्टूबर में सर्जियो गोर की नियुक्ति की पुष्टि की थी। वह व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के पर्सनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2025 में उन्हें भारत में अगला अमेरिकी राजदूत नामित किया

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 2:13 PM
Story continues below Advertisement
Sergio Gor-President Murmu: मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में गोर से उनका परिचय पत्र स्वीकार किया

Sergio Gor-President Murmu: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार (14 जनवरी) को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र यानी क्रेडेंशियल्स सौंपा। 38 वर्षीय गोर ने पिछले साल नवंबर के मध्य में भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में शपथ ली थी। अमेरिकी सीनेट ने पिछले साल अक्टूबर में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की थी। वह व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के पर्सनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2025 में उन्हें भारत में अगला अमेरिकी राजदूत नामित किया।

राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में गोर से उनका परिचय पत्र स्वीकार किया। गोर ने सोमवार को तनावपूर्ण संबंधों को फिर से सुधारने के इरादे का संकेत देते हुए कहा कि अमेरिका के लिए भारत जितना आवश्यक कोई देश नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट तब शुरू हुई जब ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। इसमें भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल था। बयान में कहा गया है कि गोर के अलावा त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के उच्चायुक्त चंद्रदाथ सिंह और ऑस्ट्रिया गणराज्य के राजदूत रॉबर्ट जिस्चग ने भी मुर्मू को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए।

तनाव को दूर कर द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा मजबूत करने का संकेत देते हुए दिल्ली में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि वाशिंगटन के लिए भारत जितना आवश्यक कोई अन्य देश नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

अपने आगमन संबोधन में उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों और AI पर अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन 'पैक्स सिलिका' में भारत के शामिल होने के लिए निमंत्रण की भी घोषणा की। गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत केवल साझा हितों से ही नहीं जुड़े हैं। बल्कि यह रिश्ता सर्वोच्च स्तरों पर आधारित है। 

उन्होंने उम्मीद जतायी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल या उसके अगले साल भारत की यात्रा करेंगे। पदभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद गोर द्वारा दिए गए इन बयानों को ट्रंप प्रशासन की ओर से ऐसे समय में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जब उसने हाल के महीनों में टैरिफ और एच-1बी वीजा को लेकर भारत पर दबाव बढ़ा दिया है।


अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों और कुछ पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोर ने कहा, "आपके और मेरे सामने कूटनीति को फिर से परिभाषित करने का जीवन में एक बार मिलने वाला अविश्वसनीय अवसर है। इससे जो हासिल किया जा सकता है, वह इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी साबित हो सकती है।"

उन्होंने कहा, "भारत से अधिक आवश्यक कोई साझेदार नहीं है। आने वाले महीनों और वर्षों में राजदूत के रूप में मेरा लक्ष्य एक अत्यंत महत्वाकांक्षी एजेंडे को आगे बढ़ाना है। हम इसे सच्चे रणनीतिक साझेदारों के रूप में करेंगे, जहां दोनों पक्ष अपनी ताकत, सम्मान और नेतृत्व के साथ आगे आएंगे।"

ये भी पढ़ें- Greenland: 'ग्रीनलैंड पर कब्जा होकर रहेगा...', ट्रंप ने प्रधानमंत्री नीलसन को दी 'बड़ी मुसीबत' की चेतावनी

गोर ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्न मोदी के बीच दोस्ती सच्ची है। यह बयान उन मतभेदों को सुलझाने में मदद करेगी, जिनके कारण पिछले दो दशकों में संबंधों का सबसे खराब दौर देखने को मिला। उन्होंने कहा कि सच्चे मित्रों के बीच असहमति हो सकती है। लेकिन वे अंततः अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।