मुजफ्फरनगर के मोरना गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां दो सगी बहनों ने मिलकर अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया। शुरुआत में यह मामला किसी बाहरी हमले जैसा लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो घर के अंदर की जो कहानी निकलकर आई, उसने सबको हिलाकर रख दिया। भोपा थाना क्षेत्र में एक पिता की हत्या की ऐसी सनसनीखेज कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। सोमवार की सुबह जब 58 साल के किसान रामप्रसाद का शव उनके कमरे में खून से लथपथ मिला, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पहले लगा कि किसी बाहरी दुश्मन ने हमला किया है, लेकिन कातिल तो घर के अंदर ही छिपे थे।
क्या थी नफरत की असली वजह?
पुलिस की पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई, वो चौंकाने वाली है। रामप्रसाद की 30 साल की बेटी कोमल और उसकी एक नाबालिग बहन ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या की मुख्य वजहें ये थीं: बेटे-बेटी में भेदभाव और टोका-टाकी!
ऐसा आरोप है कि पिता हमेशा बेटों को ज्यादा अहमियत देते थे और बेटियों के साथ फर्क करते थे। लड़कियां पिता की रोज-रोज की टोका-टाकी और पाबंदियों से बुरी तरह परेशान हो चुकी थीं।
घटना वाली रात भी किसी बात को लेकर पिता-पुत्रियों में तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद बहनों ने खौफनाक कदम उठाने की योजना बना ली।
साजिश और पुलिस की कार्रवाई
दोनों बहनों ने मिलकर दरांती से पिता की गर्दन और पेट पर कई वार किए। वारदात के बाद उन्होंने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। उन्होंने अपने खून से सने कपड़े घर में रखे भूसे के ढेर में छिपा दिए थे।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से इन कपड़ों और कत्ल में इस्तेमाल चाकू को बरामद कर लिया है। मृतक के बेटे अमित ने खुद अपनी दोनों बहनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
मृतक रामप्रसाद के पास करीब 50 बीघा जमीन थी और वह खेती-बाड़ी करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और चार बेटियां हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी थी, जबकि कोमल और उसकी छोटी बहन घर पर ही रहती थीं। फिलहाल पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।