फसल की लागत ₹20/kg और भाव मिल रहा ₹1.25Kg! नासिक में प्याज किसानों का सड़क पर हल्ला-बोल

Nashik Farmers Protest: नासिक जिले के चांदवड चौराहे पर मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे को हजारों किसानों ने जाम कर दिया। किसानों की मांग है कि उन्हें प्याज का कम से कम ₹24 प्रति किलो का MSP मिले और जो प्याज वे बेच चुके हैं, उस पर ₹15 प्रति किलो की सब्सिडी दी जाए। इस आंदोलन के कारण हाईवे पर गाड़ियों की मीलों लंबी लाइनें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप्प हो गया

अपडेटेड May 26, 2026 पर 3:11 PM
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Nashik Onion Farmers Protest: फसल की लागत ₹20/kg और भाव मिल रहा ₹1.25Kg! नासिक में प्याज किसानों का सड़क पर हल्ला-बोल

महाराष्ट्र में अपनी खून-पसीने की कमाई यानी प्याज के कौड़ियों के दाम मिलने से राज्य का किसान बेहद गुस्से में है। किसानों के इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य में जगह-जगह जोरदार 'रास्ता रोको' आंदोलन किए जा रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गले में प्याज की मालाएं पहनकर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। नासिक के चांदवड और सोलापुर में आंदोलन इतना बढ़ गया कि पुलिस को कई बड़े नेताओं को हिरासत में लेना पड़ा।

नासिक जिले के चांदवड चौराहे पर मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे को हजारों किसानों ने जाम कर दिया। किसानों की मांग है कि उन्हें प्याज का कम से कम ₹24 प्रति किलो का MSP मिले और जो प्याज वे बेच चुके हैं, उस पर ₹15 प्रति किलो की सब्सिडी दी जाए।

इस आंदोलन के कारण हाईवे पर गाड़ियों की मीलों लंबी लाइनें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप्प हो गया। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों की हवा निकालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों में जमकर धक्का-मुक्की हुई।


कई बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

करीब दो घंटे से ज्यादा चले इस हंगामे के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार, शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए जाने से पहले विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आंदोलन में आ रहे करीब 6,000 लोगों को रास्ते में ही रोक दिया। उन्होंने कहा, "जब किसान परेशान हैं, तब मुंबई में बैठे सत्ताधारी दल के नेता इस जोड़-तोड़ में लगे हैं कि किसे टिकट देना है और किसे कितने रुपये में खरीदना है।"

"बिजनेसमैन का कर्ज माफ, किसान को भाव नहीं"

सोलापुर में कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने सोलापुर-पुणे और सोलापुर-हैदराबाद नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। पुलिस के नोटिस देने के बावजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे।

सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए सांसद प्रणिती शिंदे ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से डोनाल्ड ट्रंप के इशारों पर काम कर रहे है-'ट्रंप बोले और मोदी डोले' जैसी हालत हो गई है। यह सरकार उद्योगपतियों का कर्ज तो माफ कर देती है, लेकिन गरीब किसानों की प्याज को सही दाम नहीं दे सकती।"

₹1.25 किलो बिका प्याज, किसानों ने गुस्से में सड़क पर फेंकी फसल

छत्रपती संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले के गंगापुर मार्केट से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई। यहां एक किसान की प्याज को प्रति क्विंटल (100 किलो) सिर्फ ₹125 का भाव मिला, यानी 1.25 रुपया प्रति किलो।

जब किसानों को लगा कि इस दाम से तो उनकी मंडी तक आने-जाने की गाड़ी का किराया भी नहीं निकलेगा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। नाराज किसानों ने अपनी बोरियां खोलकर सारा प्याज गंगापुर-वैजापूर हाईवे पर फेंक दिया और सड़क जाम कर दी।

किसानों का साफ कहना है कि जब तक सरकार प्याज का सही दाम नहीं देगी, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।

आमतौर पर प्याज की फसल में कितनी लागत?

भारत में प्याज की खेती में आने वाली लागत मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि खेती किस राज्य में हो रही है, बीज की क्वालिटी कैसी है और सिंचाई की क्या व्यवस्था है।

अगर हम प्रति एकड़ के हिसाब से एक औसत अनुमान लगाएं, तो भारत में प्याज उगाने की कुल लागत ₹35,000 से ₹50,000 के बीच आती है। इसे अगर प्रति किलो (Per KG) के उत्पादन खर्च के हिसाब से समझें, तो महाराष्ट्र स्टेट अनियन ग्रोअर्स एसोसिएशन और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों को 1 किलो प्याज पैदा करने में ₹17 से ₹20 का खर्च आता है।

एक एकड़ प्याज की खेती में आने वाले खर्च का पूरा हिसाब नीचे टेबल में दिया गया है:

खर्च अनुमानित लागत (प्रति एकड़) विवरण
बीज और नर्सरी ₹6,000 – ₹8,000 एक एकड़ के लिए लगभग 3 से 4 किलो हाइब्रिड बीजों की जरूरत होती है।
खेत की तैयारी ₹3,500 – ₹4,500 ट्रैक्टर से जुताई, रोटावेटर और क्यारियां बनाने का खर्च।
रोपाई की मजदूरी ₹2,000 – ₹3,000 नर्सरी से छोटे पौधों को उखाड़कर मुख्य खेत में लगाने के लिए मजदूरों का खर्च।
खाद और पोषण ₹5,000 – ₹7,000 गोबर की खाद (FYM), नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश (NPK) और सूक्ष्म पोषक तत्व।
दवाइयां ₹3,000 – ₹5,000 प्याज की फसल को थ्रिप्स (कीड़े) और फंगस (जलेबी रोग) से बचाने के लिए स्प्रे।
निराई-गुड़ाई ₹3,000 – ₹4,000 प्याज में खरपतवार (घास) साफ करने के लिए कम से कम 2 बार मजदूरी देनी पड़ती है।
सिंचाई ₹3,000 – ₹5,000 बिजली या ड्रिप सिस्टम के रखरखाव का खर्च (प्याज को 12-15 बार पानी चाहिए होता है)।
कटाई, छंटाई और पैकिंग ₹4,000 – ₹5,000 प्याज को जमीन से निकालना, उसकी पत्तियां काटना, ग्रेडिंग करना और बोरियों में भरना।
मंडी तक ट्रांसपोर्ट ₹4,000 – ₹6,000 खेत से लोकल या बड़ी कृषि उपज मंडी (APMC) तक माल पहुंचाने का भाड़ा।
कुल अनुमानित लागत ₹33,500 - ₹47,500 औसत: लगभग ₹40,000 प्रति एकड़

उत्पादन और मुनाफे का गणित

एक एकड़ खेत से सामान्य तौर पर 100 से 150 क्विंटल (यानी 10,000 से 15,000 किलो) प्याज निकलती है। अगर आधुनिक तकनीक और अच्छी वैरायटी का इस्तेमाल किया जाए तो यह 200 क्विंटल तक भी जा सकती है।

प्याज एक ऐसी फसल है जिसकी कीमतें बहुत ज्यादा घटती-बढ़ती हैं। अगर मंडी में किसान को ₹15 से ₹20 प्रति किलो का भाव मिल जाए, तो वह अपनी लागत निकालकर ₹1 लाख तक का मुनाफा कमा लेता है। लेकिन जैसा अब देखा जा रहा है, जब भाव गिरकर ₹1-₹1.25 किलो पर आ गया है, तो किसानों को अपनी लागत भी वापस नहीं मिल पा रही और भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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