Nature Bazaar Fire: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अंधेरिया मोड़ स्थित नेचर बाजार में रविवार (15 मार्च) को भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग की चपेट में आने से कम से कम 50 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गई हैं। मामले की जानकारी मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटीं। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जिनकी दुकानें प्रभावित हुई हैं, वे अब आ रहे हैं। सुबह साढ़े छह बजे के करीब आग लगी है। उसने कहा कि मेरे बताने से लोग यहां इकठ्ठा हो गए थे।
सूचना मिलते ही आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर भेजी गई। अब तक इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एक शख्स ने IANS को बताया कि जिनकी दुकानों में आग लगी थी हम लोगों ने उसे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी मनीष शेरावत ने बताया कि हमें सुबह करीब 7:30 बजे सूचना मिली।
अधिकारी ने बताया कि यह घटना अंधेरिया मोड़ के पास हुई। यह बाजार हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। हमारा वाहन वसंत कुंज से 7:30 बजे तक मौके पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। फिलहाल जान का कोई नुकसान नहीं है। अधिकारी ने बताया कि इस घटना में करीब 50 दुकानें जलकर खाक हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि आग लाडो सराय क्षेत्र में अंधेरिया मोड़ के पास स्थित नेचर बाजार में लगी। वहां हस्तशिल्प और अन्य सामान बेचने वाली कई अस्थायी और अर्ध-स्थायी दुकानें लगी हुई हैं। घटना के बाद आग तेजी से कई दुकानों में फैल गई जिससे बाजार परिसर से धुएं के गुबार उठते देखे गए। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने और उसे फैलने से रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया।
अधिकारी के अनुसार, इस घटना में लगभग 50 दुकानें जलकर नष्ट हो गईं जिससे सामान और संरचनाओं को भारी नुकसान हुआ है। दमकलकर्मी आग को पूरी तरह बुझाने और इलाके में शीतलन अभियान चलाने में लगे हुए हैं।
आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और अग्निशमन कार्य में सहयोग देने के लिए पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एक अधिकारी ने बताया कि चार-पांच स्टेशन से कर्मचारी आए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान के बारे में हम नहीं बता पाएंगे।
फायर सर्विस के अधिकारी मानसिह कुमार शेखावत ने ANI को बताया, "हमें लगभग 7.30 बजे सुबह आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। आग को देखते हुए हमने इसकी श्रेणी को बढ़ा दिया। इसमें तकरीबन हमारी 9 से 10 गाड़ियां लग चुकी हैं। आग बुझाई जा चुकी है। कोई हताहत नहीं है, कोई चोटिल नहीं हुआ है। यहां 50 से 60 दुकानें मौजूद हैं जहां टैंट का काम किया जाता था, जिनमें आग फैलती गई।"
11 मार्च को भी लगी भी भीषण आग
इससे पहले 11 मार्च 2026 की रात 11:57 बजे भी दिल्ली के बिंदापुर थाना क्षेत्र में आग लगने की घटना सामने आई थी। मौके पर करीब 28 फायर टेंडर पहुंचे थे। इसके बाद रात 3 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका था। राहत वाली बात यह थी कि इस आगजनी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, इस आग में लगभग 80 झुग्गियां जलकर खाक हो गई थीं।
इसके अलावा कुछ दिन पहले 7 मार्च 2026 को भी मंसाराम पार्क में आग लगने की सूचना मिली थी। उस समय 8 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए थे और आग को जल्दी बुझा लिया गया था। उस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई थी। इस आगजनी में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया था। फिलहाल, जांच जारी है।