Dubai News: UAE में भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में 25 लोग गिरफ्तार, ईरान के निशाने पर है दुबई

Dubai news: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने अलग-अलग देशों के 25 लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। आरोपियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गुमराह करने वाले कंटेंट शेयर करने के मामले में तुरंत सुनवाई के लिए भेजा गया है

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 12:03 PM
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Dubai news: यह गिरफ्तारियां डिजिटल प्लेटफॉर्म की कड़ी निगरानी के बाद की गई हैं

Dubai news: ईरान में जारी युद्ध के कारण क्षेत्रीय तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बड़ा कदम उठाया है। UAE ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत कंटेंट वाले वीडियो क्लिप शेयर करने के आरोप में विभिन्न देशों के 25 नागरिकों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के साथ उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया गया है। gulfnews.com के मुताबिक, यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने अलग-अलग देशों के 25 और लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।

आरोपियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गुमराह करने वाली फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में तुरंत सुनवाई के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कंटेंट राष्ट्रीय रक्षा उपायों को नुकसान पहुंचाती है। साथ ही खाड़ी देश के खिलाफ सैन्य आक्रामकता के कृत्यों का महिमामंडन करती है। यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म की कड़ी निगरानी के बाद उठाया गया है।

इसका उद्देश्य मनगढ़ंत जानकारी और बनावटी कंटेंट के प्रसार को रोकना है। उनका कहना है कि ऐसे कंटेंट अशांति भड़काने और सामान्य स्थिरता को कमजोर करने के इरादे से तैयार की जाती है। शम्सी ने कहा कि क्षेत्रीय घटनाक्रम के मद्देनजर डिजिटल प्लेटफॉर्म की निरंतर निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल ने आरोपियों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया।


उन्होंने कहा, "ऐसी घटनाओं का फायदा उठाकर गलत सूचना फैलाई गई है। इसका मकसद जनता को जानबूझकर गुमराह करना और राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यवस्था एवं स्थिरता को कमजोर करना है।" डॉ. अल शम्सी ने कहा कि विचाराधीन आरोपियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाए गए वीडियो फुटेज वायरल किए गए।

इनमें यूएई के विभिन्न क्षेत्रों में विस्फोटों, प्रमुख स्थलों पर हमलों या धुआं उठते हुए विशाल आग का भ्रामक संकेत दिया गया था। उन्होंने कहा, "कुछ फुटेज में देश के भीतर सैन्य ठिकानों के नष्ट होने का दावा किया गया या विदेशी घटनाओं को UAE के स्थानों से जोड़ा गया। इनका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और भय फैलाना था।" उनके अनुसार, लोक अभियोजन ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। उन्हें तत्काल हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है।

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जांच और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से पता चला कि आरोपी तीन समूहों में बंटे हुए थे। उन्होंने युद्ध के दौरान अलग-अलग तरह के काम किए। इनमें मौजूदा घटनाओं से जुड़े असली क्लिप पब्लिश करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करके नकली क्लिप बनाना शामिल था। साथ ही उसके नेतृत्व और सैन्य कार्रवाइयों की तारीफ करना भी शामिल था।

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