NCR 4 Namo Cities: क्या एनसीआर में 4 नए ग्रीनफील्ड शहर 8 RRTS कॉरिडोर के पास बसाए जाएंगे? पूरे प्लान की एक-एक बात जानिए

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में यह रणनीतिक फैसला लिया गया। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ उत्तर प्रदेश व राजस्थान के शहरी विकास मंत्रियों ने हिस्सा लिया

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 2:29 PM
NCR 4 Namo Cities: क्या एनसीआर में 4 नए ग्रीनफील्ड शहर 8 RRTS कॉरिडोर के पास बसाए जाएंगे?

NCR NAMO Cities Master Plan: दिल्ली-एनसीआर के डेवलपमेंट को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की बैठक में रीजनल प्लान 2041 के तहत एक क्रांतिकारी फैसला लिया गया है। इस योजना के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में बैलेंस रिजनल डेवलपमेंट को बढ़ाने और मौजूदा शहरों पर आबादी का बोझ कम करने के लिए 4 नए ग्रीनफील्ड शहर बसाए जाएंगे। इन नए आधुनिक शहरों को नमो सिटीज (NAMO Cities) के नाम से जाना जाएगा। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में यह रणनीतिक फैसला लिया गया। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ उत्तर प्रदेश व राजस्थान के शहरी विकास मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

1. क्या 8 RRTS कॉरिडोर के पास बसाए जाएंगे ये शहर?

इस पूरे प्लान में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ट्रेन नेटवर्क की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मीटिंग के बाद कहा कि राज्यों से इन 4 नए ग्रीनफील्ड शहरों और RRTS कॉरिडोर विकसित करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। ऐसे में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि नई नमो सिटीज शायद प्रस्तावित कॉरिडोर्स के पास ही विकसित की जाएं। चूंकि कनेक्टिविटी पर सबसे ज्यादा जोर है इसलिए ये नए शहर दिल्ली को हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पड़ोसी हिस्सों से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रीजनल रेल रूट (Semi-High-Speed Rail Corridors) के आसपास उभर सकते हैं। मौजूदा समय में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट पर नमो भारत ट्रेनें 160 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ रही हैं। इससे शहरों के बीच का सफर बेहद कम हो गया है।


2. क्या है फंक्शनल प्लान ऑन ट्रांसपोर्ट फॉर NCR-2032?

एनसीआर में तेज और भरोसेमंद ट्रांजिट लिंक के जरिए क्षेत्रीय एकीकरण को मजबूत करने के लिए फंक्शनल प्लान ऑन ट्रांसपोर्ट फॉर NCR-2032 तैयार किया गया है। इस ट्रांसपोर्ट प्लान के तहत कुल 8 RRTS कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। अब इनके आसपास इन नमो शहरों के बसने की प्रबल संभावना है। ये आठ कॉरिडोर नीचे दिए गए हैं-

  • दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ (वर्तमान में आंशिक रूप से संचालित)
  • दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर
  • दिल्ली-सोनीपत-पानीपत
  • दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल
  • दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक
  • दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत
  • गाजियाबाद-खुरजा
  • गाजियाबाद-हापुड़

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद दो अन्य प्राथमिकता वाले कॉरिडोर दिल्ली-गुरुग्राम-SNB (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) लाइन और दिल्ली-पानीपत लाइन हैं। ये दोनों ही कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर आकर मिलेंगे। ये भविष्य के इस रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क का मुख्य हब बनेगा।

3. क्या होते हैं ग्रीनफील्ड शहर?

शहरी नियोजन में ग्रीनफील्ड शहर का मतलब होता है कि किसी पुराने शहर का विस्तार या पुनर्विकास करने के बजाय बिल्कुल नए सिरे से खाली जमीन पर एक आधुनिक शहर बसाना। इन शहरों में सड़क, आवास, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्कूल, अस्पताल और कमर्शियल जोन का निर्माण शुरू होने से पहले ही इनका पूरा मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाता है। सरकार ने अभी तक इन चारों प्रस्तावित शहरों की सटीक लोकेशन (स्थानों) की घोषणा नहीं की है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि एनसीआर में शामिल सभी राज्य (हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) संभावित साइटों के लिए अपने-अपने प्रस्ताव बोर्ड को सौंपेंगे। इसके बाद एक कम्पिटिटिव चैलेंज प्रोसेस के जरिए इन चार नमो शहरों की अंतिम लोकेशन का चयन किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के विकास के लिए 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

4. रीजनल प्लान 2041: क्यों पड़ी नए शहरों की जरूरत?

रीजनल प्लान 2041 के ड्राफ्ट में एनसीआर के राज्यों (हरियाणा, यूपी, राजस्थान) में नए आर्थिक और आवासीय हब बनाकर विकेंद्रीकृत शहरी विकास की दीर्घकालिक रणनीति बनाई गई है। इस प्लान के आंकड़ों के मुताबिक आने वाले दशकों में एनसीआर में शहरीकरण की रफ्तार बेहद तेज होने वाली है। अनुमान है कि साल 2031 तक एनसीआर की शहरी आबादी बढ़कर करीब 57 प्रतिशत हो जाएगी। साल 2041 तक यह शहरी आबादी बढ़कर करीब 67 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इसी भविष्य की बढ़ती आबादी को संभालने, आधुनिक नागरिक सुविधाएं देने और दिल्ली व एनसीआर के मौजूदा शहरों पर से दबाव कम करने के लिए ही इन 4 नए नमो शहरों की नींव रखने की तैयारी की जा रही है।

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