NEET Student Suicide: कर्नाटक के बाद अब महाराष्ट्र के लातूर में नीट छात्रा ने दी जान, एग्जाम रद्द होने से तनाव में थी किसान की बेटी

NEET Student Suicide: डॉक्टर बनने की इच्छुक एक किसान की 18 वर्षीय बेटी ने कथित रूप से पेपर लीक होने के कारण नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 को रद्द किए जाने के बाद मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। खुदकुशी का यह दूसरा मामला सामने आया है

अपडेटेड May 25, 2026 पर 11:17 AM
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NEET Student Suicide: कर्नाटक के बाद अब महाराष्ट्र के लातूर में भी नीट छात्रा ने अपनी जान दे दी

NEET Student Suicide: महाराष्ट्र में लातूर जिले के एक किसान ने दावा किया है कि डॉक्टर बनने की इच्छुक उसकी 18 वर्षीय बेटी ने कथित रूप से पेपर लीक होने के कारण नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 को रद्द किए जाने के बाद मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि उसने मामला दर्ज कर किसान के दावे की जांच शुरू कर दी है। उसने बताया कि गोंडेगांव गांव की रहने वाली मैथिली अशोक सोनवणे ने 16 मई की सुबह अपने खेत में एक पेड़ से कथित तौर पर फांसी लगा ली।

अधिकारियों ने बताया कि उसके शव का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। मैथिली के पिता अशोक विट्ठल सोनवणे (50) ने रविवार को पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि उनकी बेटी ने तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में थी। अशोक ने कहा कि डॉक्टर बनना उनकी बेटी का सपना था।

उन्होंने दावा किया कि मैथिली ने अपने परिवार वालों को बताया था कि उसने परीक्षा की अच्छी तैयारी की थी। उसने संतोषजनक प्रदर्शन किया था। लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह परेशान थी। वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित थी। उन्होंने बयान में कहा कि वह तनाव सहन नहीं कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली।


राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NDA) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद मेडिकल कोर्ट में एडमिशन के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 को 12 मई को रद्द कर दिया था। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है। नीट एग्जाम रद्द होने के बाद कई छात्रों ने अपनी जान दे दी।

कर्नाटक में भी एक स्टूडेंट ने दी जान

कर्नाटक के कलबुर्गी में नीट-यूजी देने वाली एक छात्रा ने अपने घर पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। छात्रा के पिता ने रविवार को यह दावा किया। पिता राजशेखर ने पत्रकारों को बताया कि भाग्यश्री (18) पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। उसने पीयूसी परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। उन्होंने बताया, "हमारे परिवार में कोई परेशानी या समस्या नहीं थी, हम खुशी से रह रहे थे।"

पिता ने रोते हुए पत्रकारों को बताया, "उसने (भाग्यश्री ने) नीट में अच्छा प्रदर्शन किया था, सब कुछ ठीक चल रहा था। शायद उसके मन में परीक्षा दोबारा देने का विचार था। मैं किसी को दोष नहीं दे रहा और न ही किसी पर आरोप लगा रहा हूं। हम उसके दर्द या पीड़ा को नहीं जानते। मैं क्या कह सकता हूं?" पुलिस के अनुसार, छात्रा ने कोई ‘सुसाइड नोट’ नहीं लिखा और न ही आत्महत्या का कोई कारण बताया। इस संबंध में स्टेशन बाजार थाने में मामला दर्ज किया गया है।

मामले की जांच कर रही सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने पुणे की एक स्थानीय अदालत को बताया कि एक स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार ने कुछ छात्रों को पैसे के बदले परीक्षा से जुड़े प्रश्न और स्टडी मटीरियल उपलब्ध कराया था। उन्हें NEET-UG पेपर लीक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों ने आगे बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने मनीषा की ट्रांजिट रिमांड मांगते समय यह दलील पेश की।

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CBI ने शुक्रवार को मनीषा को गिरफ्तार किया। सेठ हीरालाल सर्राफ़ प्रशाला की प्रिंसिपल मनीषा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी NEET-UG 2026 के लिए फ़िज़िक्स विषय के अनुवादक पैनल की सदस्य थीं। गिरफ्तारी के बाद, मनीषा को पुणे की एक अदालत में पेश किया गया। फिलहाल वह ट्रांजिट रिमांड पर हैं। उम्मीद है कि उन्हें सोमवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा।

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