Yogi Adityanath: 'श्रमिकों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं, लेकिन...', नोएडा हिंसा पर सीएम योगी का बड़ा बयान

Yogi Adityanath: गौतम बुद्ध नगर में श्रमिकों के हंगामे को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अशांति फैलाने वाले गैर-श्रमिक तत्वों की पहचान करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

अपडेटेड Apr 16, 2026 पर 8:04 AM
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नोएडा बवाल के बाद एक्शन में योगी सरकार

Yogi Adityanath: गौतम बुद्ध नगर में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों द्वारा किए गए भारी विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर मजदूर को सम्मानजनक कामकाजी माहौल मिले, समय पर पूरा वेतन दिया जाए और सभी कानूनी लाभ सुनिश्चित किए जाएं। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है।

सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश


गौतम बुद्ध नगर में श्रमिकों के हंगामे को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अशांति फैलाने या औद्योगिक सद्भाव भंग करने वाले गैर-श्रमिक तत्वों की पहचान करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों को बेनकाब किया जाए और और जरूरत पड़ने पर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक जगहों पर लगाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को भड़काने, अफवाहें फैलाने या गलत सूचना अभियान चलाने वाले संगठनों या व्यक्तियों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर जोर दिया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की लगातार निगरानी और झूठी सूचना या दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी सोमवार को नोएडा में हुए मजदूरों के बड़े प्रदर्शन के बाद आई है।

जिले के फैक्ट्री इलाकों में कई जगहों पर पुलिस की गाड़ियों समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं।

इस विवाद को देखते हुए, योगी आदित्यनाथ ने इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर और श्रम विभाग की देखरेख में राज्य भर की सभी एजेंसियों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि जांच में श्रमिकों की वास्तविक संख्या, औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त भुगतान, श्रमिकों को दिए गए वेतन और ESI, बीमा और अन्य लाभों जैसे प्रावधानों के अनुपालन की पुष्टि होनी चाहिए।

शिकायतों के समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सरकारी और निजी औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की शिकायतों के समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उनकी समस्याओं का पारदर्शी और समय पर निपटारा हो सके। उन्होंने काम की जगह पर बेहतर सुविधाएं, जैसे अच्छी मेस व्यवस्था, सुनिश्चित करने को भी कहा।

सीएम योगी ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए छात्रावास और सस्ती आवास योजनाओं के निर्माण की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को राजस्व सृजन से आगे बढ़कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बैंकों के साथ तालमेल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि मजदूरों को बीमा का लाभ मिल सके, खासकर दुर्घटना या समय से पहले मृत्यु के मामलों में, जहां वेतन सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है।

श्रमिकों के बच्चों को मिले उचित व्यवस्था

उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल बीमा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उद्यमियों और औद्योगिक इकाई प्रबंधनों के साथ नियमित बातचीत बनाए रखें, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि चर्चाओं में केवल वास्तविक श्रमिक ही शामिल हों।

उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे सतर्क रहें, ताकि कोई असामाजिक तत्व मजदूर बनकर औद्योगिक क्षेत्रों में घुस न सके।

वेतन बढ़ने से श्रमिक संतुष्ट 

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के बाद वेतन बढ़ने से श्रमिक काफी हद तक संतुष्ट हैं और गौतम बुद्ध नगर में स्थिति लगभग सामान्य हो गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 1 अप्रैल से प्रभावी संशोधित वेतन सभी श्रमिकों को बिना किसी देरी के दिया जाए। बता दें कि बैठक में संभागीय आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य शीर्ष सरकारी अधिकारी उपस्थित थे।

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