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'किसी भी गुट को मान्यता न दी जाए'... बगावत के बीच शिवसेना (UBT) ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र

अपनी पार्टी के भीतर असंतोष की खबरों और कुछ सांसदों के अलग होने की अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी गुट को मान्यता न दी जाए।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jun 17, 2026 पर 10:59 AM
'किसी भी गुट को मान्यता न दी जाए'... बगावत के बीच शिवसेना (UBT) ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
उद्धव ठाकरे की पार्टी में बढ़ी हलचल, बगावत की खबरों के बीच स्पीकर को चिट्ठी

अपनी पार्टी के भीतर असंतोष की खबरों और कुछ सांसदों के अलग होने की अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। उन्होंने अनुरोध किया है कि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी गुट को मान्यता न दी जाए। बता दें कि यह पत्र शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत ने लिखा है। इसमें कहा गया है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) लोकसभा में अभी भी एक ही राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त है और उसका प्रतिनिधित्व पार्टी के अधिकृत नेता और अधिकृत व्हिप के जरिए ही किया जा रहा है।

पत्र में साफ कहा गया है, "शिवसेना (UBT) को लोकसभा में एक ही राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता मिली रहेगी, जिसका प्रतिनिधित्व सदन में उसके अधिकृत नेता और व्हिप के माध्यम से ही होता है।"

पार्टी ने स्पीकर से यह भी आग्रह किया कि वे किसी भी कथित गुट या अलग हुए समूह को कोई अलग दर्जा, विशेषाधिकार या सुविधाएं न दें। साथ ही, पार्टी ने मांग की कि ऐसी किसी भी मांग पर कोई फैसला लेने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर कोई सांसद या समूह संविधान और पार्टी के नियमों के खिलाफ काम करता है, तो पार्टी उसके खिलाफ सभी कानूनी विकल्प अपनाने का अधिकार रखती है। इसमें संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत कार्रवाई करना भी शामिल है।

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