Shashi Tharoor: “कोई भी भारतीय कंपनी अमेरिका को निर्यात...' ट्रंप के ईरान पर लगाए गए टैरिफ पर शशि थरूर का बयान

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर हाल ही में लगाए गए 25% टैरिफ पर "गंभीर चिंता" व्यक्त की है और भविष्यवाणी की है कि इससे भारत के द्वारा अमेरिका को होने वाले निर्यात असंभव हो सकते हैं।

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 10:56 AM
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“मुझे हमेशा से ये टैरिफ परेशान...' ट्रंप के ईरान पर लगाए गए टैरिफ पर शशि थरूर का बयान

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर हाल ही में लगाए गए 25% टैरिफ पर "गंभीर चिंता" व्यक्त की है और भविष्यवाणी की है कि इससे भारत के द्वारा अमेरिका को होने वाले निर्यात असंभव हो सकते हैं। थरूर ने कहा कि वे शुरू से ही अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था से "परेशान" रहे हैं, क्योंकि  भारत पहले से ही अपने क्षेत्रीय प्रतियोगियों की तुलना में नुकसान में है, और अगर टैरिफ बढ़कर 75% हो जाता है तो स्थिति और कठिन हो जाएगी।

थरूर ने बुधवार को ANI से बात करते हुए कहा, “मुझे हमेशा से ये टैरिफ परेशान करते रहे हैं, क्योंकि भारत को जो पहला 25% टैरिफ मिला वह ही एक समस्या थी। हमारे दूसरे प्रतिद्वंदी देश जैसे वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और पाकिस्तान और बांग्लादेश को 15% से 19% के बीच टैरिफ दिया गया। ये देश अमेरिका को वही सामान भेजते हैं जो हम भेजते हैं, जैसे रत्न, आभूषण, समुद्री उत्पाद, झींगा, चमड़ा और इसी तरह की अन्य वस्तुएं।”

थरूर ने कहा, "तो, 25 प्रतिशत की समस्या पहले से ही थी। अब, रूसी प्रतिबंधों के कारण इसमें 25 प्रतिशत की और वृद्धि हो गई है, जिससे यह 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है, और यदि ईरानी प्रतिबंधों में भी 25 प्रतिशत की और वृद्धि हो जाती है, तो यह 75 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इसलिए, सच्चाई यही है कि 75 प्रतिशत प्रतिबंधों के साथ कोई भी भारतीय कंपनी अमेरिका को निर्यात करने में सफल नहीं हो पाएगी।"


उन्होंने कहा, "केवल वही वस्तुएं बेची जा सकेंगी जिन पर अभी तक प्रतिबंध नहीं लगा है, जैसे कि दवाइयां आदि। बाकी वस्तुओं की बिक्री संभव नहीं होगी। इसलिए यह चिंताजनक है। मुझे नहीं पता कि सरकार क्या कह रही है, लेकिन मेरे दृष्टिकोण से यह बहुत गंभीर मामला है।"

थरूर ने व्यापार समझौते पर जल्द फैसले की जरूरत पर दिया जोर

कांग्रेस सांसद ने आशा व्यक्त की कि नए अमेरिकी राजदूत व्यापार समझौते में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि नए अमेरिकी राजदूत अपनी सरकार और हमारी सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे और व्यापार समझौते पर जल्द से जल्द आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे।"

थरूर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा व्यापारिक फैसला लिया। इसके तहत उन देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है, जो ईरान के साथ व्यापार जारी रखे हुए हैं। यह टैरिफ अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर लागू होगा।

इसके अलावा, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत पर टिप्पणी करते हुए, थरूर ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “व्यापार समझौता 2026 की पहली तिमाही में हो जाना चाहिए। हम व्यापार समझौते के लिए पूरा साल बीतने का इंतजार नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि यह जल्द से जल्द हो जाना चाहिए।”

थरूर ने आगे कहा, “निश्चित रूप से, 75 प्रतिशत (टैरिफ) पर कोई समझौता संभव नहीं है। अगर हम ब्रिटेन और अमेरिका के बीच 15 प्रतिशत के टैरिफ के करीब आ सकते हैं, तो हमारा व्यापार संभव है। एक रणनीतिक साझेदार के प्रति यही सम्मान का भाव होता है। लेकिन 75 प्रतिशत जैसे टैरिफ पर रणनीतिक साझेदारी का कोई अर्थ नहीं रह जाता।”

बता दें कि ट्रुथ सोशल पर हाल ही में एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “तत्काल प्रभाव से, ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी व्यापार पर 25% टैरिफ देना होगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!”

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