Gig Workers Nationwide Strike: अगर आप नए साल के जश्न के लिए ऑनलाइन खाना या ग्रॉसरी ऑर्डर करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए बुरी खबर है। 'गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विसेज वर्कर्स यूनियन' (GIPSWU) ने आज, 31 दिसंबर को देशभर में बड़े पैमाने पर हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल 25 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण फेज है। इस हड़ताल का सीधा असर Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Flipkart और BigBasket जैसी सेवाओं पर पड़ने की संभावना है।
क्यों नाराज हैं गिग वर्कर्स?
भारत की पहली महिलाओं के नेतृत्व वाली ट्रेड यूनियन (GIPSWU) ने अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य शिकायतें और मांगें ये है:
फास्ट डिलीवरी का दबाव: 10 और 20 मिनट के भीतर डिलीवरी के अनिवार्य नियम को तुरंत बंद किया जाए।
वेतन में बढ़ोतरी: प्रति किलोमीटर न्यूनतम ₹20 की दर तय की जाए और हर महीने कम से कम ₹40,000 की कमाई की गारंटी दी जाए।
सुरक्षा और स्वास्थ्य: महिला श्रमिकों के लिए आपातकालीन छुट्टी, मातृत्व संरक्षण और उनके कार्य क्षेत्र को घर से 7 किमी के दायरे तक सीमित करने की मांग।
ID ब्लॉकिंग पर रोक: बिना किसी ठोस कारण के डिलीवरी पार्टनर्स की ID ब्लॉक करना और 'रेटिंग सिस्टम' के जरिए सजा देना बंद हो।
मानवीय सहायता: AI-आधारित ऑटोमेटेड कॉल्स की जगह 24/7 'ह्यूमन कस्टमर सपोर्ट' उपलब्ध कराया जाए।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
नए साल की पूर्व संध्या पर आमतौर पर ऑर्डर्स की संख्या सामान्य दिनों से 3-4 गुना ज्यादा होती है। ऐसे में हड़ताल के कारण डिलीवरी में देरी हो सकती है। अगर आपके क्षेत्र में डिलीवरी पार्टनर्स हड़ताल पर हैं, तो ऑर्डर पहुंचने में घंटों लग सकते हैं। कई रेस्टोरेंट्स और स्टोर 'Out of Service' दिखाई दे सकते हैं। डिलीवरी पार्टनर्स की कमी के कारण डिलीवरी चार्ज बहुत अधिक वसूला जा सकता है।
विकसित भारत बनाम गिग इकोनॉमी
GIPSWU यूनियन की अध्यक्ष सीमा सिंह और राष्ट्रीय समन्वयक निर्मल गोराना ने चेतावनी दी है कि भारत तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसकी उभरती अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहे इन श्रमिकों का शोषण जारी रहेगा। उन्होंने इसे डिजिटल हड़ताल बताते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म इकोनॉमी की कामगारों पर निर्भरता को दर्शाता है।