Odisha Landslide: ओडिशा के क्योंझर जिले में मंगलवार (1 जुलाई) को बड़ा हादसा हो गया। एक अवैध मैंगनीज खनन से हुए भूस्खलन की वजह से तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण हादसा तब हुआ जब वे कथित तौर पर अवैध मैंगनीज खनन में लगे थे। यह घटना बैतरणी रिजर्व फॉरेस्ट एरिया के अंतर्गत आने वाले जोडा पुलिस सीमा के पास स्थित बिचकुंडी गांव से कुछ दूर दलपहाड़ पहाड़ी के पास हुई। मृतकों की पहचान संदीप प्रुट्टी, कांडे मुंडा और गुरु चंपिया के रूप में हुई है। सूत्रों बताया कि तीनों अवैध रूप से मैंगनीज निकाल रहे थे, तभी ढीली मिट्टी का एक हिस्सा ढह गया।
मिट्टी गिरने से इससे तीनों मजदूर नीचे फंस गए। इस दुखद घटना के बाद छह घंटे तक बचाव अभियान चला। फिर मलबे के नीचे से तीनों शव बरामद किए गए। घटना के बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। रिपोर्ट के अनुसार, बैतरणी आरक्षित वन क्षेत्र में मैंगनीज खनन चल रहा था, तभी भूस्खलन की घटना हुई।
यह घटना मंगलवार दोपहर को खदान का तटबंध ढहने के बाद हुई। इसके कारण तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। 6 घंटे के बचाव अभियान के बाद तीनों शव निकाले गए। घटना के बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
बचावकर्मियों को खराब मौसम और भारी मलबे के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत भर दिया है।
इस बीच, भारी बारिश की वजह से सुंदरगढ़ जिले के कोइदा खनन क्षेत्र में एक बड़ा भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन टोडा के पास नेशनल हाईवे 520 के राजमुंडा-कोइदा खंड पर हुआ, जो खनिज परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण रूट्स है।
मूसलाधार बारिश के कारण हाईवे पर मिट्टी, पत्थर और पेड़ गिर गए, जिससे रात भर ट्रैफिक बाधित रहा। पास की खदान से बहने वाले पानी ने मिट्टी को और ढीला कर दिया, जिससे सड़क लाल मिट्टी और मलबे से ढक गई। चूनाघाटी में गार्ड वॉल में विकसित हो रही दरार ने और अधिक कटाव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। एक अन्य घटना में भारी बारिश से मयूरभंज जिले में भूस्खलन हुआ।