100 करोड़ के मानहानि नोटिस पर उमर अब्दुल्ला का तंज, बोले- "बीजेपी का लव लेटर..."

Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि उन्हें बीजेपी से कानूनी नोटिस के रूप में "लव लेटर" मिलने पर गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि इससे साबित होता है कि वह एक ऐसी राजनीतिक ताकत हैं जिसे वे नजरअंदाज नहीं कर सकते।

अपडेटेड Jul 13, 2026 पर 3:17 PM
बीजेपी ने उमर अब्दुल्ला को भेजा 100 करोड़ का मानहानी का नोटिस

Omar Abdullah: राजनीतिक बयानबाजी के बीच जम्मू-कश्मीर की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी की ओर से मिले कानूनी नोटिस को अलग अंदाज में लेते हुए इसे "लव लेटर" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह नोटिस इस बात का संकेत है कि वह जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक ऐसी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसे बीजेपी नजरअंदाज नहीं कर सकती। दरअसल, बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोमवार को अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस उनके उस दावे के बाद भेजा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय पार्टी ने उनकी सरकार गिराने की कोशिश में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को नकद और मंत्री पद का लालच दिया था।

श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, "मुझे एक वकील से एक पत्र, यानी एक इलेक्ट्रॉनिक कॉपी मिली है। मैं इसे बहुत सम्मान की बात मानता हूं क्योंकि जम्मू-कश्मीर में मैं अकेला ऐसा राजनेता हूं जिसे बीजेपी की तरफ से इस तरह का 'लव लेटर' मिला है। मैं इसे सम्मान की निशानी मानता हूं कि जाहिर है, मैं जम्मू-कश्मीर में एक ऐसी राजनीतिक ताकत हूं जिसे वे नजरअंदाज़ नहीं कर सकते।"

मुख्यमंत्री उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें BJP ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा था। इस नोटिस में कहा गया था कि अगर वे MLA को तोड़ने के आरोपों को साबित नहीं कर पाते या सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उन पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा किया जाएगा।


अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें BJP से राजनीतिक प्रतिक्रिया की उम्मीद थी क्योंकि उन्होंने एक राजनीतिक बयान दिया था, लेकिन उन्होंने कानूनी रास्ता चुना।

उन्होंने कहा, "यह BJP के लड़ने के तरीके को दिखाता है। वे राजनीतिक लड़ाइयां लड़ते हैं और अदालतों की आड़ लेते हैं। मैं भी वही बयान देकर विधानसभा की आड़ ले सकता था। मैं विधानसभा में बयान देकर उन विशेषाधिकारों का फांयदा उठा सकता था जिन्हें विधानसभा के बाहर चुनौती नहीं दी जा सकती, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया।"

अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर के कई बीजेपी नेताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके नेताओं पर बदनामी वाले आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा, "खासकर, एक नेता ने बार-बार हम पर बेबुनियाद और बदनामी वाले आरोप लगाए हैं, लेकिन हम राजनीतिक तौर पर उनका मुकाबला कर रहे हैं। अब हम उस खास बीजेपी नेता और कुछ अन्य लोगों को कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे और देखते हैं कि यह प्रक्रिया कहां तक जाती है।"

बता दें कि बीजेपी की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि ये आरोप सिविल और क्रिमिनल दोनों कानूनों के तहत मानहानि के दायरे में आते हैं और मुख्यमंत्री से कहा गया है कि वे लिखित रूप में अपने आरोप वापस लें।

नोटिस में आगे कहा गया है कि, "नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें। साथ ही बीजेपी के बारे में कोई भी और मानहानि करने वाली सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें। बीजेपी ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री को ऐसे किसी भी बयान को देना या दोहराना तुरंत बंद करना चाहिए।"

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