भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रोएशिया, नीदरलैंड और नॉर्वे की अपनी आगामी यात्रा को टाल दिया है। भारतीय सेना ने बुधवार (7 मई) को "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में एक त्वरित और लक्षित सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। इस ऑपरेशन का मकसद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) दोनों में ही आतंकवादी ठिकानों पर हमला करना था। सरकार की ओर से जारी एक प्रेस ब्रीफिंग के अनुसार, कुल नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गया।
इससे पहले, भारत और पाकिस्तान के बीच वास्तविक सीमा (LAC), नियंत्रण रेखा (LOC) पर तनाव के बीच पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मास्को में विजय दिवस परेड में शामिल नहीं हुए थे।
इस बीत PM मोदी ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर तीनों सेनाओं के ज्वाइंट ऑपरेशन पर पहली प्रतिक्रिया भी आई। PM मोदी कैबिनेट को इस मिलिट्री एक्शन की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने सेना के इस एक्शन की सराहना भी की।
News18 के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व का पल है। अब से कुछ ही देर में प्रधानमंत्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात कर सकते हैं।
इस बीच एक बड़ा अपडेट ये भी आया है कि गुरुवार सबह 11 सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी दलों को भारत की सैन्य कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक का नेतृत्व करेंगे।
ऑपरेशन के नाम “सिंदूर” के पीछे एक गहरा अर्थ छिपा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंजूरी दी थी। सूत्रों ने कहा कि जिस तरह से आतंकवादियों ने पहलगाम में कई हिंदू महिलाओं के पतियों की निर्मम हत्या करके और उन्हें हिंदू होने के कारण निशाना बनाकर उनके सिंदूर को मिटा दिया था, भारत ने उनका बदला लिया है और पहलगाम के पीड़ितों – महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाया है। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को दर्शाते हुए एक तस्वीर ट्वीट की थी।